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बिजली की अघोषित कटौती से उमस भरी गर्मी में ग्रामीण परेशान

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तालबेहट। उमस भरी गर्मी में बिजली की अघोषित कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। क्षेत्र में 10 घंटे सप्लाई भी नहीं मिल पा रही है।। इससे ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति रोष पनप रहा है। भरतपुरा, गजौरा, करीला में आपूर्ति चार दिनों से बाधित है।
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बारिश न होने से क्षेत्र में दो दिन से उमस भरी गर्मी ने लोगों का बुरा हाल कर दिया है। दोपहर में सड़कों पर निकलते समय गर्म हवा के थपेड़ों की मार ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया है। वहीं अघोषित विद्युत कटौती से लोग परेशान हैं। कटौती का कोई समय ही निर्धारित नहीं है। नगर और आसपास के गांवों में इस समय 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही है। वहीं कुछ गांवों में तो दस घंटे से कम ही सप्लाई मिल पा रही है। ग्राम भरतपुरा, गजौरा, करीला में चार दिनों से आपूर्ति बाधित है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का आरोप है कि शिकायत करने के बाद भी बिजली सप्लाई की नियमित आपूर्ति की ओर कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है।
आए दिन हो रहे है फाल्ट
बारिश न होने से विद्युत उपकरणों का प्रयोग अधिक हो रहा है। इससे लाइनों पर लोड बढ़ जाता है। जिसके चलते लाइनों में आए दिन फाल्ट आ रहे है। इन फाल्टों का पता लगाने और उसे ठीक करने के लिए ही कर्मचारियों को घंटों बिजली काटना पड़ती है। एक फाल्ट के चक्कर में कई गांवों के लोगों को संकट झेलना पड़ता है।
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चार दिन बाद मिले खंभे, तार की लाइन बिछाने का काम शुरू
ललितपुर। सोजना बिजली घर से जुड़े करीब छह गांवों में पांच दिन पहले बृहस्पतिवार की रात को आंधी और बारिश के चलते करीब 17 खंभे और बिजली की लाइनें टूट गई थीं। ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कारण से यहां बिजली गुल थी। मंगलवार को विद्युत स्टोर से खंभे, तार और अन्य सामान विभाग को मिल गया, तार लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इससे 12 से अधिक गांवों में बिजली सुचारू होगी।
सोजना स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत सोजना फीडर से 12 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। आए दिन जहां क्षेत्रवासी ओवरलोड या अन्य कारणों से होने वाले फाल्ट के चलते घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान रहते हैं। वहीं बीते पांच दिन पहले बृहस्पतिवार की रात को क्षेत्र में तेज आंधी व बारिश के कारण ग्राम प्यासा, चौका, धुरवारा, चौमऊ, गढ़ौली, टपरियन समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों में हाइटेंशन विद्युत लाइनों के 17 खंभे, तार और एक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे खेतों में जगह-जगह तार टूटकर गिर गए थे। जिससे 12 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी।
इसके चलते स्थानीय ग्रामीण उपभोक्ताओं के सामने बिजली, पानी से संबंधित तमाम समस्याएं खड़ी हो गईं। जिसके चलते ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन होने के बाद भी पांच दिनों से नारकीय जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। समस्या के निस्तारण के लिए बिजली विभाग द्वारा उपजिलाधिकारी को सूचित किया गया और उपजिलाधिकारी द्वारा मौके का निरीक्षण करके दैवीय आपदा के तहत क्षतिग्रस्त हुए 17 खंभों का स्टीमेट तैयार किया गया और फिर अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग द्वारा स्टीमेट पास कराने के बाद विद्युत स्टोर में प्रपत्र देकर सोमवार की देर शाम को 17 खंभे व तार एवं अन्य सामान क्षेत्र में भिजवाया गया और मंगलवार को सुबह से तार व खंभे लगाने का काम शुरू किया गया।
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मंगलवार की रात तक टूटे हुए खंभे व हाइटेंशन व लाइन बिछाने का काम पूूरा कर लिया जाएगा और बुधवार की सुबह तक बिजली आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है।
चंद्रशेखर, अवर अभियंता सोजना
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