जिले में अलग-अलग हादसों में बिजली का करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक किशोर तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के कड़ेसराकलां गांव के मजरा रैकना का निवासी था तथा दूसरा युवक मड़ावरा थाना क्षेत्र के गांव उल्दनाखुर्द के मजरा सौल्दा का निवासी था। इसके अलावा
थाना जाखलौन के ग्राम चीराकोडर में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई।
कड़ेसराकलां गांव के मजरा रैकना में बुधवार रात में बिजली का हाईटेंशन तार टूट कर खेत की बारी में गिर गया था। रात में वहां सत्येन्द्र (17) पुत्र राजपाल किसी काम से वहां गया तो तार की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। सत्येंद्र अपने माता-पिता का एकमात्र पुत्र था।
थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम पंचायत उल्दनाखुर्द के मजरा सौल्दा में घरेलु बिजली की लाइन में हाईटेंशन करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आकर बृहस्पतिवार दोपहर सौल्दा निवासी चन्दन सिंह पुत्र झुनर यादव की मौत हो गई। चंदन बिजली के बोर्ड में मोबाइल को चार्जर लगा रहा था। परिजन उसे उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजन राजेश ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि घरेलू लाइन में 11 हजार वोल्ट का करंट दौड़ने से गांव के कई घरों में नुकसान हुआ है। एक घर में आग लगने से भी काफी नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि चन्दन ही अपने पूरे परिवार के भरण पोषण का एक मात्र सहारा था उसके परिवार में पत्नी, दो पुत्री, एक पुत्र वृद्ध माता-पिता तथा एक अविवाहित भाई हैं। 10 वर्ष पूर्व चंदन के बड़े भाई की भी सागर में करंट की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
वहीं ग्राम चीराकोडर निवासी मनोज कुमार(26वर्ष) पुत्र वरजोरे कुशवाहा बुधवार की रात घर आया। इस दौरान उसके घर की लाइट नहीं आ रही थी। वह लाइट सही करने के लिए बिजली के खंभे पर चढ़ गया। इसी बीच अचानक लाइट आ गई। करंट की चपेट में आने से वह खंभे से नीचे गिर कर अचेत हो गया। परिजनों द्वारा उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।