गोदी-फलदान में जाते समय ट्रक की कार से हुई थी टक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अयोध्या से लौटते समय कालपी के पास हुए सड़क हादसे में महरौनी के आठ लोगों की मौत ने एक बार फिर पुराने दर्द को ताजा कर दिया है। जिले से बाहर सड़क दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की मौत की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश के मालथौन के पास नेशनल हाईवे-44 पर ट्रक की टक्कर से कार सवार नौ लोगों की जान चली गई थी।
22 नवंबर 2022 को शहर के मोहल्ला गोविंद नगर निवासी प्रकाश साहू अपने रिश्तेदार के यहां गोदी-फलदान कार्यक्रम में शामिल होने परिवार के साथ टवेरा कार से मध्य प्रदेश के सागर जा रहे थे। नेशनल हाईवे-44 पर मालथौन के समीप सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी थी। इस भीषण हादसे में प्रकाश साहू, बबलू, शुभम, महेंद्र, परी, अनमोल, भारती, योगेश और अंकित साहू की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि अनीता, दीपिका, अनिल, ऋषि और राजपत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे का कारण ट्रक की तेज रफ्तार बताया गया था।
हाईवे पर रफ्तार बन रही हादसों की बड़ी वजह
हाईवे पर होने वाले अधिकांश सड़क हादसों के पीछे तेज रफ्तार प्रमुख कारण बनकर उभर रही है। ट्रक, डंपर और चार पहिया वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा लगाए गए गति सीमा के संकेतक बोर्ड होने के बावजूद वाहन चालक अक्सर उनका पालन नहीं करते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
दो शवों का आज होगा अंतिम संस्कार
सड़क हादसे में मृत बृजभूषण तिवारी और दीपक तिवारी के शव देर रात महरौनी पहुंचने की संभावना है। दोनों का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा।