ललितपुर। संभावित तीसरी लहर की तैयारियों में लगे स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सकों के तबादलों से झटका लग गया है। जहां जिले में पहले से चिकित्सकों की कमी है और गत दिवस सीएमओ समेत नौ चिकित्सकों के तबादले कर दिए गए। इसके सापेक्ष मात्र तीन चिकित्सकों को तैनाती की जा सकी है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है।
कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा तमाम तैयारियां की जा रही हैं। इसमें प्रमुख रूप से जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल व दो सीएचसी तालबेहट और महरौनी में ऑक्सीजन के प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा सभी सीएचसी पर संक्रमितों को उपचार की सुविधा मुहैया कराने के लिए कोविड अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं। बच्चों को अधिक प्रभावित होने की आशंका के चलते पीकू वार्ड स्थापित किया गया है। इसमें ऑक्सीजन व वेंटीलेटर जैसी अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं, लेकिन इन सभी तैयारियों के साथ ही चिकित्सक अधिक महत्वपूर्ण हैं। यहां पर पहले से ही चिकित्सकों की कमी बनी हुई है।
यहां पर शासन द्वारा सीएमओ, एसीएमओ समेत नौ चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है। इसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीके गर्ग केे बांदा में पदोन्नत कर भेज गया है। इसी तरह एसीएमओ डॉ. आरके सोनी को जेडी झांसी बनाया गया है। इसके अलावा अन्य सात चिकित्सकों का गैर जनपद में स्थानांतरण किया गया। जिसके सापेक्ष मात्र तीन चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है। इससे डॉक्टरों की कमी हो गई है। ऐसे में तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां अधूरी साबित हो रही हैं।
51 हजार बच्चों पर एक बाल रोग विशेषज्ञ
बाल रोग विशेषज्ञ की बात करें, तो 51 हजार से अधिक बच्चों पर एक चिकित्सक है। तालबेहट, महरौनी, मड़ावरा तहसील स्तरों पर स्थित अस्पतालों फिजिशियन नहीं है। ऐसे में अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जाता है।
ऐसे में जनपद से चिकित्सकों का स्थानांतरण अधिक समस्या साबित हो रहा है।
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जिले से सीएमओ, एसीएमओ समेत नौ चिकित्सकों का स्थानांतरित किया गया है, जबकि तीन चिकित्सकों को अन्य जनपदों से जिले में भेजा गया है।
- डॉ. जेएस बक्शी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी