संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जीवन के जिस पड़ाव पर अपने भी साथ छोड़ने लगते हैं, उस अवस्था में बुजर्गों ने शिक्षा को अपना सहारा बनाया। रविवार को 91 केंद्रों पर हाथ में पेन और लाठी थामकर परीक्षा देने के लिए बुजुर्ग दादा-दादी और काका-काकी पहुंचे। 929 नव साक्षरों ने परीक्षा दी। यह पहली ऐसी परीक्षा रही जिसमें कोई भी परीक्षार्थी गैर हाजिर नहीं रहा।
नव भारत साक्षरता अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु के 929 निरक्षरों को साक्षर किया गया। बुजुर्गाें और महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी। अभियान के दौरान निरक्षरों को हिंदी, गणित, मात्रा ज्ञान, स्वर परिचय, संयुक्त वर्ण परिचय, आओ शब्द बनाएं, संख्या ज्ञान, गिनती, जोड़-घटाना, गुणा-भाग करना सिखाया गया। करीब एक साल तक बुजुर्गों, महिलाओं और निरक्षरों को शिक्षित किया गया। इसके बाद इन निरक्षर से साक्षर बने लोगों की साक्षरता परीक्षा कराने की तैयारी की गई।
रविवार को 91 केंद्रों पर नव साक्षरों की परीक्षा हुई। केंद्रों पर सुबह से ही बुजुर्ग और महिलाएं हाथ में कलम लेकर पहुंचे। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित था। जब भी नव साक्षरों को समय मिला, वह अपने विद्यालय में परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई।
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घूंघट की ओट में हल किए सवाल तो बुजुर्गों ने बहुओं को देखकर पीठ फेरी
नव साक्षर परीक्षा देने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं जब केंद्र पर परीक्षा देने बैठीं तो वहां अपने घर या गांव के बुजुर्गाें को परीक्षा देते देखा। यह देखकर महिलाओं ने घूंघट निकाल लिया और घूंघट की ओट में सवालों को पढ़ा और उन्हें हल भी किया। वहीं, बहुओं को परीक्षा देते देख बुजुर्ग भी पीठ दूसरी ओर करके सवाल हल करते रहे।
परीक्षा में शामिल नव साक्षरों की ब्लॉकवार सूची
ब्लॉक- केंद्र की संख्या - पंजीकृत - उपस्थित नव साक्षर
जखौरा - 26 - 210 - 210
मड़ावरा - 12 - 100 - 100
महरौनी - 10 - 110 - 110
नगर क्षेत्र - 01 - 30 - 30
तालबेहट - 14 - 180 - 180
बिरधा - 14 - 195 - 195
बार - 14 - 104 - 104
योग - 91 - 929 - 929
नव साक्षरों की परीक्षा 91 केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई। शत प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
रणवीर सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी