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पुस्तक वितरण में देरी बनेगी अर्द्धवार्षिक परीक्षा में रोड़ा

Sat, 12 Aug 2017 01:07 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : demo pic
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ललितपुर।
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बेसिक शिक्षा विभाग का शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू हो चुका है और शासन अगले एक माह बाद परिषदीय विद्यालयों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा संचालित करने की भी तैयारी कर रही है, लेकिन अभी तक जनपद के परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकों का वितरण पूर्ण नहीं हो पाया और इससे पढ़ाई भी पटरी पर नहीं आ पा रही है।

योगी सरकार की प्राथमिक नीतियों में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाना भी शामिल है। परिषदीय विद्यालयों में लगातार गिर रहे छात्रांकन पर रोक लगाने और छात्रांकन को बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे है। सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को शासन की ओर से मिलने वाली सुविधाओं जैसे नि:शुल्क यूनिफार्म, पुस्तकें व स्कूल बैग और जूता-मौजा वितरण पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन यह सब हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। इनमें से अभी तक यूनिफार्म व पुस्तकों का वितरण पूर्ण नहीं हो सका है, वहीं अभी तक स्कूल बैग व जूता-मौजा वितरण का तो श्रीगणेश भी नहीं हो सका है। इसके अलावा विद्यालयों में छात्रांकन बढ़ाने के लिए विगत 01 जुलाई से स्कूल चलों अभियान चलाया जा रहा है। वैसे तो यह अभियान 31 जुलाई तक चलाया जाना था, लेकिन इस बार इस अभियान को दो माह तक यानी 30 अगस्त तक कर दिया है। अब समस्या यह है कि चार माह पूर्व 01 अप्रैल से परिषदीय विद्यालयों का शैक्षिक सत्र शुरू हो गया था, लेकिन जनपद में पुस्तकों का वितरण जुलाई माह से शुरू हुआ है। अभी तक पुस्तकों का वितरण कराया ही जा रहा है। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक में कक्षा 01 से 08वीं तक पढ़ने वाले कुल 1.66 लाख बच्चों को कुल 53 विषयों की पुस्तकें, 10 कार्य पुस्तिकाएं, 15 अंग्रेजी की पुस्तकें वितरित की जानी थी। इसमें अभी तक केवल 24 विषयों की पुस्तकें ही वितरित की गई है, लेकिन अभी तक मात्र 65 प्रतिशत पुस्तकों का वितरण हो सका है। यह भी जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई प्रगति रिपोर्ट के आधार पर है, सरकारी रिपोर्ट में कितनी सच्चाई होती है, यह भी सब अच्छी तरह से जानते हैं। इसके अलावा 10 पुस्तकें ऐसी भी है जिनका अभी सत्यापन होना बाकी है, इसके बाद ही इन पुस्तकों का वितरण हो सकेगा। इसका मतलब है कि वर्तमान में स्कूलों में बिना पुस्तकों के ही पढ़ाई चल रही है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि बिना पुस्तकों के ही बच्चे परीक्षाऐं कैसे देगें और परीक्षा को उत्तीर्ण करेंगे। यह बात अलग है कि बच्चों को फेल नहीं किए जाने का नियम है, इससे विभाग की पोल खुलने से बच जाएगी।
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पांचवीं और छठवीं की नहीं मिली एक भी पुस्तक
53 में से 24 विषयों की पुस्तकों का वितरण हो गया है और अभी 10 विषय की पुस्तकें सत्यापन करने का इंतजार कर रही है। कक्षा पांचवीं के बच्चों को छह-छह विषयों की पुस्तकें वितरित होनी है और कक्षा छठवीं के बच्चों को दस-दस विषयों की पुस्तकें वितरित कराई जानी है, लेकिन अभी तक इन दोनों की कक्षाओं के बच्चों को अभी तक एक भी पुस्तकें नहीं मिली है। शासन स्तर से ही पुस्तक वितरण में लापरवाही की बरती गई है। शैक्षिक सत्र अप्रैल से शुरु हो गया था, लेकिन पुस्तकों का वितरण जुलाई से किया गया है।
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जनपद स्तर पर नहीं हो रही लेटलतीफी
पुस्तकों के वितरण में जनपद स्तर पर कोई लेटलतीफी नहीं की जा रही है। अभी तक 24 पुस्तकों का वितरण हो चुका है और वर्तमान में 10 पुस्तकें आ गई है, जिनका अभी सत्यापन होना बाकी है। सोमवार तक उन पुस्तकों का सत्यापन करा लिया जाएगा और इसके बाद विद्यालयों में भेज दी जाएंगी।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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