हर किसान एक क्विंटल भूसा जरूर दे : डीएम
ललितपुर। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने संरक्षित गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसे की व्यवस्था एवं संचालन को लेकर बैठक हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले का प्रत्येक किसान गोवंश आश्रय स्थल कल्यानपुरा में उनके भरण - पोषण के लिए एक क्विंटल भूसा जरूर दे, ताकि गोवंश का भरण पोषण आसानी से हो सके।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कल्यानपुरा गोवंश आश्रय स्थल के आसपास के ग्रामों के ग्राम प्रधान किसानों को भूसा दान देने के लिए प्रेरित करें। जनपद में गोवंश आश्रय स्थलों में 26 हजार गोवंश को संरक्षित करने की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था किसानों को खेतों में उगाई गई फसलों की छुट्टा जानवरों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए की गई है। इसलिए किसानों का यह दायित्व है कि वह रबी एवं खरीफ की फसलों से प्रत्येक छह माह में 1-1 क्विंटल भूसा जरूर दें। लेखपाल भूसा दान करने वाले किसानों की सूची तैयार करके भूसे के प्रबंध के लिए सहयोग करें। उन्हें अधिक से अधिक भूसा दान करने के लिए प्रेरित करें। गोवंशों के भरण-पोषण के लिए नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा प्रत्येक घर से एक-एक रोटी एकत्रित कर गोवंश आश्रय स्थलों में पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने गोपालक योजना के बारे में बताते हुए कहा कि शासन द्वारा गोपालक योजना शुरू की गई है, जिसके तहत एक गोवंश के रखरखाव पर सरकार द्वारा 900 रुपये की धनराशि दी जा रही है। एक गोपालक चार गोवंश तक चरा सकता है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने कल्यानपुरा गोवंश आश्रय स्थल में आसपास के गांवों से संरक्षित गोवंश एवं भूसे का ग्रामवार विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि कल्यानपुरा गोवंश आश्रय स्थल में आसपास 14 ग्रामों से कुल 2531 गोवंश आए हैं, जिनके लिए 18 क्विंटल प्रति गोवंश के हिसाब से कुल 45,558 क्विंटल भूसे की आवश्यकता है। इसके सापेक्ष अभी तक 2057 क्विंटल भूसा ही प्राप्त हो सका है। शेष 43,501 क्विंटल भूसा प्राप्त करना शेष है। उन्होंने बताया कि ग्राम रघुनाथपुरा, ग्राम भौंरदा, ग्राम मैलवाराखुर्द, अनोरा, चढ़रऊ, कचनौदाकलां एवं जिजयावन से अभी तक भूसा उपलब्ध नहीं कराया गया है। बैठक में ग्रामों से आए प्रधानों ने जिलाधिकारी से भूसे के प्रबंधन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया एवं उन्हें शीघ्र ही भूसा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उप जिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज, जिला विकास अधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मधुसूदन जायसवाल सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित ग्रामों के ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।