ललितपुर। जिले में हुई दिन भर रुक- रुक कर तेज बरसात से शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। गलियों में पानी भरने से जलमग्न होने से राहगीरों को निकलना मुश्किल हो गया, जबकि गोविंद सागर बांध का जलस्तर बढ़ने से 15 गेटों को छह फुट खोलकर 11 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
जिले के साथ ही मध्य प्रदेश क्षेत्र में हो रही लगातार बरसात से गोविंद सागर बांध का जलस्तर बढ़ गया। इस कारण 15 गेटों को छह फुट तक खोलकर 11 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बांध से छोड़े जा रहे पानी से मोहल्ला नदीपुरा में शहजाद नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। इससे यहां से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। बांध के गेट खुलने से शहर के सैलानी अपने परिवारों को लेकर बांध का नजारा देखने के लिए उमड़ पड़े।
सोमवार को दिन भर रुक-रुक कर हुई तेज बरसात से शहर के विभिन्न स्थानों पर जलभराव हो गया। लगातार हो रही बरसात के कारण कई स्थानों पर कॉलोनियों व गलियों के साथ खाली प्लाटों में भी पानी भर गया। शहर के मोहल्ला इलाइट चौराहा के पास स्थिति ऑफीसर्स कॉलोनी के पीछे व जैन मंदिर के पास की अधिकांश गलियां पानी से लबालब हो गईं। खाली प्लाटों में पानी भरने से जगह- जगह पानी ही पानी नजर आ रहा है।
स्कूल के पास बसुंधरा कॉलोनी में भी कई स्थानों पर पानी भर गया। इससे लोगों को आने- जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मोहल्ला नेहरू नगर में रेलवे पुल के पास संकरी गलियों में पानी भर गया। मोहल्ला गांधीनगर, आजादपुरा में भी जलभराव होने से स्थानीय मुहल्ले वासियों को आने-जाने में मुश्किल हुई। रेलवे स्टेशन की मुख्य सड़क के दोनों ओर पड़ी मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गई, जिससे यहां दुकानदारों या भवन स्वामियों के लिए अपने वाहन रखने में ही परेशानी हुई।
रेलवे स्टेशन तिराहा से देवगढ़ रोड पर आरएमएस कार्यालय के आगे तक और रेलवे स्टेशन तिराहा से वर्णी चौराहा, तुवन चौराहा, नझाई बाजार तक सड़क के दोनों ओर मिट्टी के कारण कीचड़ हो गया। इसी प्रकार कई गुमटी व अन्य दुकानें भी कीचड़ में लगाने से वहां तक ग्राहकों भी दिक्कत खड़ी हो जाती है। शहर के बाईपास रोड स्थित कैलगुुवां चौराहे पर सड़क पर लगभग दो फिट तक पानी भर गया। इससे फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को दुकानें समेटनी पड़ीं। राहगीरों को भी आवागमन करने के लिए पानी से भीग कर निकलना पड़ा।
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गोविंद सागर बांध का जलस्तर बढ़ने के कारण बांध के 15 गेटों को छह फुट खोलकर 11 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई है। बांध का जलस्तर 93.4 मीटर होने पर गेट बंद किए जाएंगे।
- विकासदीप भारती, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग।