- मुड़ारी पुल न बनने से मोहनगढ़ का रास्ता बंद, सुरईघाट पुल की मिट्टी कटी, रास्ता बंद
- 10 सालों से बनने के इंतजार में शहजाद नदी का हजारिया घाट पुल से भी अवागमन बंद
- ऐसे में राहगीरों को गंतव्य स्थान पर जाने के लिए अन्य मार्गों का लेना पड़ रहा सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में विकास के तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि बारिश होते ही उफनाई नदियों से करीब एक सैकड़ा गांवों का आवागमन बाधित हो गया है। ब्लॉक बिरधा अंतर्गत धौर्रा से बालाबेहट होकर मध्यप्रदेश को जाने वाले मार्ग पर ग्राम मुड़ारी में सौंर नदी पर पुल का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में नदी में पानी होने पर संपर्क टूट गया है। इधर, रमपुरा से होकर एमपी के मोहनगढ़ को जाने वाले मार्ग पर जामनी नदी का रपटा क्षतिग्रस्त हो गया है, इससे आवागमन ठप हो गया है। वहीं, सुरई घाट पुल की मिट्टी कटने से ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर गंतव्य स्थान पर जाना पड़ रहा है। हैरत की बात तो यह है कि करीब एक दशक से शहजाद नदी का क्षतिग्रस्त पड़ा हजारिया घाट पुल न बनने से बारिश में मार्ग बाधित हो गया है। पेश है प्रमुख मार्गों का हाल...।
0000
दृश्य एक
फोटो-19
ब्लॉक बिरधा अंतर्गत धौर्रा से बालाबेहट होकर मध्यप्रदेश को जाने वाले मार्ग में ग्राम मुंडारी में सौंर नदी पर पुल का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में नदी में पानी होने पर आवागमन ठप हो गया। नदी के दोनों ओर करीब 60 गांव बसे हैं। ऐसे में गांव के लोगों को परेशानी हो जाती है। मरीज को अस्पताल ले जाने में ग्रामीणों को परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीण 50 किमी का चक्कर लगाकर पाली जा रहे हैं।
0000
दृश्य-दो
फोटो-20
ब्लॉक बार अंतर्गत ग्राम रमपुरा से होकर मध्यप्रदेश के मोहनगढ़ को जाने वाले मार्ग में जामनी नदी का रपटा क्षतिग्रस्त होने से करीब 20 गांवों के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। बीते दिनों मिट्टी डालकर सुचारू किया गया था, जो पानी आने से बह गई है। इससे मार्ग से संपर्क तक टूट गया है। ऐसे में लड़वारी तिराहा से हिंगौरा मार्ग में शहजाद नदी का पानी रपटा पर होने से आवागमन बंद हो जाता है। ग्रामीणों को कैलगुवां से बानपुर होकर जाना पड़ रहा है।
00000
दृश्य तीन
फोटो-21
बार से पूराकलां मार्ग पर हजारिया के पास नदी का रपटा वर्षाें से क्षतिग्रस्त होने से बारिश में करीब 20 गांवों का संपर्क टूटा हुआ है। यहां से चार पहिया वाहनों का संचालन बंद पड़ा हुआ है। इससे लोगों को पूराकलां तक पहुंचने के लिए लगभग 20 किमी का चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की कई बार मांग के बाद भी अब तक निर्माण नहीं किया गया है।
00000000000000
दृश्य-चार
फोटो- 22
शहर में खिरकापुरा हाईवे से सुरईघाट पुल मार्ग का संपर्क टूट गया है। बीते दिनों गोविंद सागर बांध का जलस्तर बढ़ने से पानी की निकासी होने से उफनाई शहजाद नदी से क्षतिग्रस्त पुल की मिट्टी कटकर बह गई है। अब मार्ग से पूरी तरह से आवागमन ठप हो गया था। लगभग छह वर्ष पहले पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, तब से न तो निर्माण किया गया है और न ही मरम्मत की गई है। इससे प्रतिदिन करीब एक हजार लोगों व वाहन चालकों को चार किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
000000000000
बोले ग्रामीण
फोटो-35
सौंर नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने से बरसात में आवागमन को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार जनप्रतिनिधियों से पुल बनवाने की मांग की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।-भैयालाल निवासी मुंडारी
000000000
फोटो-36
गांव में कोई बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल तक ले जाने में लंबी दूरी तक करनी पड़ती है। प्रशासन को सौंर नदी पर जल्द पुल बनवाना चाहिए। जिससे करीब 60 गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा होगी।-जगत सिंह मुंडारी
000000000000
जनपद में पुलों के निर्माण के लिए कार्ययोजना में शामिल कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने और बजट जारी होने के बाद निर्माण कराया जाएगा।- विजयचंद्र, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड