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Lalitpur News: तकनीकी कमी या निजी बस यूनियन का दबाव, 25 दिन बाद नहीं किया रोडवेज बस का पंजीयन

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- परिवहन निगम ने छह अक्तूबर को दे दी थी एनओसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में रोडवेज बसों के पंजीयन में तकनीकी कमी है या निजी बस यूनियन का दबाव है। रोडवेज के छह अक्तूबर को एनओसी देने के बाद भी पंजीयन नहीं किया गया है। इससे बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। हद तो तब हो गई, जब पंजीयन न होने से विभाग के राजस्व को भी चपत लग रही है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी पंजीयन करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों के हितों के लिए कार्य करने वाले दावों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जिले में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए रोडवेज डिपो के संचालन की तैयारियां चल रही हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुगम होगी। इसके लिए जनप्रतिनिधि भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। मामले को लेकर सदर विधायक ने परिवहन मंत्री ने मुलाकात कर बसों के संचालन की मांग की थी। इसके साथ ही परिवहन मंत्री के आदेश पर डिपो संचालन की प्रक्रिया तेज हो गई थी।
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लेकिन, जनपद में सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में रोडवेज बसों के संचालन की फाइल धूल फांक रही है। 16 मिनी बसों को ललितपुर एआरटीओ कार्यालय में पंजीयन के लिए छह अक्तूबर को एनओसी समेत अन्य दस्तावेज दिए गए थे। इसके साथ ही बसों का सत्यापन भी किया गया था। इसके बाद 25 दिन बीत गए। तब से अब तक बसों का पंजीयन नहीं किया जा सका है। ऐसे में बसों के संचालन की प्रक्रिया थम कर रह गई है। इसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के हजारों को लोगों को आवागमन में जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है।
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विभाग के राजस्व की भी नहीं कर रहे परवाह
ललितपुर एआरटीओं में बसों के पंजीयन होने के बाद संचालन शुरू हो जाता है। इन 42 सीटर बसों के चलने से विभाग को अतिरिक्त कर भी प्राप्त होता है। प्रत्येक बस से लगभग 25800 रुपये प्राप्त होते, इस तरह से 16 बसों से लगभग 4.12 लाख रुपये का राजस्व मिलता। लेकिन, विभाग के राजस्व तक की परवाह किए बिना ही बसों के पंजीयन की प्रकिया लटकी पड़ी हुई है।
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रोडवेज की 16 बसों के पंजीयन की प्रक्रिया चल रही है। कुछ दस्तावेजों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है, जल्द ही करा दिया जाएगा।- विपिन चौधरी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी
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