प्रयोगशाला की रिपोर्ट के बाद दोहन कार्य होगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तहसील मड़ावरा के बड़वार क्षेत्र में रॉक फास्फेट की खदानों में हो रही ड्रिलिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। अब मात्रा और गुणवत्ता को जानने के लिए नमूने को प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। इसके बाद दोहन कार्य प्रारंभ किया जाएगा। खनिज के लिए की गई ड्रिलिंग का काम 505 हेक्टेयर पर किया जा रहा है। राॅक फास्फेट का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है।
मड़ावरा के सौंरई गांव में रॉक फॉस्फेट का भंडार भूगर्भ वैज्ञानिकों को 2021 में मिला था। भूतत्व खनिकर्म विभाग ने इस क्षेत्र को पांच खंड में बांटा था। पांचवां खंड धौरीसागर के बड़वार के मध्य है। इसे झारखंड की मैमको माइनिंग कंपनी को आवंटित किया गया है। इस कंपनी ने ड्रिलिंग का कार्य झांसी की कंपनी जियोलॉजी एंड माइनिंग एसोसिएट को सौंपा। इसका कुल क्षेत्रफल 505.38 हेक्टेयर है।
यहां रासायनिक विश्लेषण में 670 मीटर की ड्रिलिंग कर रॉक फॉस्फेट खनिज कुल 0.74 मिलियन टन (6.68 प्रतिशत ग्रेड रिसोर्स) पाया गया। अब कंपनी ने यहां पर 25 बोर होल से 2212 मीटर तक बेधन कार्य कराया है। ड्रिलिंग से प्राप्त सैंपल को रासायनिक विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके आधार पर रॉक फास्फेट का ग्रेड एवं रिसोर्स का निर्धारण किया जाएगा।
उर्वरक बनाने में आता है काम
यहां उपलब्ध रॉक फास्फेट का भंडार उर्वरक निर्माण के लिए उपयुक्त है। जैविक खाद बनाने के लिए गोबर तथा रॉक फास्फेट को उपयोग में लाया जाता है। इसकी मदद से रासायनिक प्रक्रिया कर सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) तथा डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) रासायनिक उर्वरक तैयार किए जाते हैं।
वर्जन
बड़वार ब्लॉक में ड्रिलिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है। 25 बोर होल 2212 मीटर तक बेधन कार्य हुआ है। नमूनों की जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। इसके बाद ही दोहन कार्य प्रारंभ किया जाएगा। - अमितोष वर्मा, जिला खनन अधिकारी