सिंचाई विभाग ने तैयार की कार्ययोजना, धनराशि जारी होने के बाद शुरू होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मानसून सीजन में बांधों में मिलने वाले ऐसे नदी-नालों को पुनर्जीवित किया जाएगा, जो गुम हो चुके हैं या समाप्त होने के कगार पर हैं। सिंचाई विभाग ने बांधों के करीब 305 किलोमीटर लंबाई के नालों के अवरोध हटाने और पुनर्जीवित करने की कार्ययोजना तैयार की है।
जनपद को बांधों का जिला कहा जाता है। यहां पर 14 बांध परियोजनाएं हैं। जिले के सभी बांध मानसून सीजन में नदियों के पानी से लबालब होते हैं। इसके साथ अन्य छोटे-बड़े नदी-नालों का पानी भी इन बांधों में पहुंचता है लेकिन समय के साथ यह नाले या तो गुम हो गए हैं या इनमें अवरोध आने से यह विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग सभी नालों को संवारेगा। इसके लिए सिंचाई विभाग ने करीब तीन करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, धनराशि जारी होने के बाद इनका कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। नालों की सफाई होने से मानसून के सीजन में नदी-नालों का पानी सीधा बांधों में पहुंचेगा और बांधों के लबालब होने से इसका लाभ किसानों को सिंचाई और आमलोगों को पेयजल के रूप में मिलेगा। अधिशासी अभियंता भूपेश सुहेरा ने बताया कि कार्ययोजना तैयार की गई है। धनराशि जारी होने के बाद काम शुरू किया जाएगा।