ललितपुर। इलाज के अभाव में स्ट्रेचर पर तड़प कर हुई होमगार्ड की मौत के मामले की जांच में चिकित्सक दोषी पाया गया है। दो सदस्यीय टीम ने जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही दोषी चिकित्सक को हटा दिया गया है।
थाना बार अंतर्गत ग्राम चुंगी निवासी होमगार्ड मोहन लाल (51) बुधवार रात थाना बानपुर से ड्यूटी कर घर लौट रहे थे। ग्राम मर्रोली व डेगना के बीच उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। होमगार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन सीएचसी बार लेकर पहुंचे थे। वहां कोई भी चिकित्सक नहीं मिला। स्टॉफ से इलाज के लिए कहा, लेकिन कोई आगे नहीं आया। स्टॉफ ने कहा कि चिकित्सक को आने दो, तब उपचार होगा। इस बीच जानकारी मिली कि चिकित्सक वंशलाल गुप्ता कमरे में हैं।
परिजन व अन्य लोगाें ने आवाज दी, दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन गेट नहीं खुला। होमगार्ड स्ट्रेचर पर पड़ा उपचार के लिए तड़पता रहा। आधे घंटे तक उपचार न मिलने से उसकी मौत हो गई। किसी तरह जब कमरे का दरवाजा खुला तो चिकित्सक वंशलाल गुप्ता शराब के नशे में धुत होकर मोबाइल चलाता मिला। इसका वीडियो भी वायरल हो गया था। इससे स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. इम्तियाज अहमद ने जांच टीम गठित की। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार ने जांच की। टीम ने जांच में चिकित्सक वंशपाल गुप्ता को दोषी पाया है। रिपोर्ट सीएमओ को बृहस्पतिवार को सौंप दी थी।
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चिकित्सक बोला- ठीक है मर जाने दो...
होमगार्ड की मौत के बाद चिकित्सक का दरवाजा खुलने पर मरीजों ने उससे कहा- आप शराब के नशे में धुत पड़े हो, हमारे मरीज की मौत हो गई है। चिकित्सक ने जवाब दिया कि इसमें मैं क्या करूं, ठीक है मर जाने दो।
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दो सदस्यीय टीम की जांच में चिकित्सक दोषी पाया गया है। चिकित्सक को हटा दिया गया है। अग्रिम कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ