ललितपुर। समाज की सेवा में अमूल्य योगदान व सम्मान देने और सार्वजनिक रूप से चिकित्सकों का आभार जताने के लिए एक जुलाई को दुनिया भर में डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। इस बार बृहस्पतिवार को जब डॉक्टर्स डे को मनाया जाएगा तो कुछ ऐसे साथी नहीं होंगे, जिन्होंने कोरोना काल में अपना कर्तव्य निभाते हुए दुनिया को अलविदा कह दिया। आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जैन ने बताया कि कोरोना काल और आपदा में चिकित्सकों को कोरोना योद्धा की उपाधि से नवाजा जाएगा।
कोरोना संक्रमण को नियंत्रण करने के लिए तमाम प्रयास किए गए। लॉकडाउन में अधिकांश दुकानदार व अन्य प्रतिष्ठान बंद कर अपने घरों में दुबके थे। वहीं चिकित्सकों ने जान को जोखिम में डालकर संक्रमण से लोगों को बचाया। चिकित्सक सदैव ही सेना की तरह कमर कसकर मरीजों की सेवा में लगे रहे। जनपद में भी चिकित्सकों ने कोविड जैसे महामारी काल में मरीजों को उपचार दिया। इस दौरान सात चिकित्सक जान गवां चुके हैं। वहीं, कई डॉक्टर संक्रमित होकर गंभीर बीमारियों से जूझकर ठीक हो गए।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित चतुर्वेदी हमारे बीच नहीं रहे, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वीपी इटालिया और नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश दत्त और चार निजी चिकित्सक भी जान गवां चुके हैं।
- डॉ. जेएस बक्शी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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हम चिकित्सक समुदाय समाज द्वारा दिए इस सम्मान से प्रेरणा लेकर अपने कार्य को और अधिक उत्साह से जारी रखते हैं। बहुत कठिन जोखिम भरा कार्य और दायित्व हमें ईश्वर ने दिया है।
- डॉ. राजकुमार जैन, अध्यक्ष आईएमए
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कोरोना संक्रमण जैसी महामारी काल में चिकित्सकों ने अपने परिवार से अलग रहकर जान जोखिम में डालकर लोगों को सेवाएं दी हैं। चिकित्सकों का सभी को सम्मान करना चाहिए।
- डॉ. विकास जैन, सचिव आईएमए