संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर की प्यास बुझाने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों में लापरवाही की काई जम गई है। यह हाल तब है जब बुधवार को डीएम अक्षय त्रिपाठी ने तीनों प्लांटों का निरीक्षण का कर उन्हें साफ करने का निर्देश दिया था। तीनों प्लांट की दीवारों में अधिक मात्रा में काई जमी हुई है। यही नहीं प्लांट के टैंक में घास तक उग आई है। दीवारों के ऊपरी हिस्सों में लगी काई की सूखी परतें टैंक में ही गिर रहीं हैं।
डीएम ने जल संस्थान के डोड़ाघाट स्थित पंप हाउस, सीडब्ल्यूआर प्लांट, डब्ल्यूटीआर का निरीक्षण किया था। यहां पर अव्यवस्थाएं पाए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी। साथ ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंदगी पर रोष व्यक्त किया था। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को नोटिस भी जारी किया। फिर भी हालात में बदलाव नहीं हुआ।
शहर के डोड़ाघाट स्थित जल संस्थान के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी उठाया जा रहा है। कच्चे पानी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध बनाया जाता है। कच्चे पानी को फिल्टर कर शुद्ध बनाने के लिए डोंडाघाट में तीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं।
डोंडाघाट में वर्तमान में मरम्मत का कार्य चल रहा है। जल्द ही वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई समेत अन्य कार्य कराए जाएंगे।
- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान