ललितपुर। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने के काम में हो रही देरी को लेकर डीएम आलोक सिंह ने गुरूवार को कायाकल्प से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों को तल्ख लहजे में पांच दिन के अंदर सभी बिंदुओं के काम पूरा करने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं पांच दिन बाद काम पूरा होने का सभी विभागों के द्वारा एक संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र देने को भी निर्देशित किया।
जनपद के 1354 परिषदीय विद्यालयों में पिछले काफी समय से ऑपरेश कायाकल्प के तहत विद्यालयों की सूरत बदलने का काम विभिन्न विभागों के द्वारा कराया जा रहा है। डीएम समय समय पर इस काम की समीक्षा का इसे जल्द से जल्द पूर्ण करने को निर्देशित किया जाता रहा। बाबजूद इसके विद्यालयों में कायाकल्प के काम पूरे नहीं किए जा सके और आज भी कई ऐसे विद्यालय हैं जहां पर काम की प्रगति काफी खराब है। बैठक के दौरान डीडीओ केएन पांडेय, डीसी मनरेगा रवींद्रवीर यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ जेएस बक्शी, डीपीआरओ नवीन मिश्रा, नपा ईओ निहालचन्द्र, बीएसए रामप्रवेश, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी पीयूष चंद्र राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल सिंह, जिला युवा कल्याण अधिकारी बृजेंद्र सिंह सहित समस्त खंड विकास अधिकारी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दो दिन का दिया ध्वज बांटने का समय
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर तिरंगा अभियान की समीक्षा में डीएम ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत वितरित किए जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज को दो दिन मेें पूर्ण रूप से बांटने का समय दिया।
13 अगस्त को होने वाली लोक अदालत का करें प्रचार प्रसार
जनपद में 13 अगस्त को लोक अदालत लगेगी। जिसमें विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी एवं खुली बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरुक कराया जाए और व्यापक स्तर पर इसका प्रचार प्रसार किया जाए। साथ ही सभी विभागों में लंबित वादों को भी लोक अदालत में निस्तारित कराया जाए।
आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण अधिकारी खुद करें
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को आईजीआरएस प्रकरणों के स्वयं संज्ञान लेकर निस्तारण सुनिश्चित कराने व यह कार्य बाबुओं के भरोसे न छोड़ें जाने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाती है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए।