ललितपुर। मड़ावरा में पकड़ी गई खाद की घटतौली को लेकर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कृषि विभाग से दो दिन में खाद कारोबारियों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा तलब किया है।
मड़ावरा में किसानों ने खाद की घटतौली की शिकायत की थी। इस पर गत दिवस एसडीएम ने छापा मार कर एक दुकान और दो गोदामों को सील कर दिया था। रबी फसल की बुआई का सीजन शुरू होने वाला है, इसलिए किसान खाद खरीद रहे हैं। एक तो किसान ओलावृष्टि और अतिवृष्टि की मार से पीड़ित है, दूसरे खरीफ की फसल के दौरान पानी नहीं बरसने से उसकी फसल चौपट हो गई थी। पैसे से टूटा हुआ किसान किसी तरह रबी की फसल की बुआई की तैयारी कर रहा है, लेकिन खाद कारोबारी मुनाफा कमाने के चक्कर में किसान के साथ घटतौली कर रहे हैं।
इस पर जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने सख्त कदम उठाते हुए उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी को पत्र लिखकर पूछा है कि खाद की घटतौली की कितनी शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई। जिले में थोक व फुटकर खाद के कितने लाइसेंस धारक हैं। इन लाइसेंसधारकों की कितनी बार चेकिंग की गई और घटतौली की शिकायत मिलने पर इनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। इसको लेकर डीएम ने दो दिन में आख्या मांगी है।
खूब होता है अवैध कारोबार
ललितपुर। जब बुआई का सीजन आता है तो खाद कारोबारियों की बल्ले- बल्ले हो जाती है। क्योंकि, कारोबारियों की चेकिंग नहीं होती है। इसका वह पूरा फायदा उठाते हैं और गोदामों में खाद की बोरी का लेबल बदलकर धड़ल्ले से मुनाफा कमाते हैं। किसान खेत में मंहगी खाद खरीदकर डालता है, लेकिन पैदावार में बढ़ोत्तरी नहीं होती है। क्योंकि, महंगी खाद की बोरी में सस्ता माल होता है। विभागीय जिम्मेदार इसको जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं।