ललितपुर (ब्यूरो)। दीपावली पर्व पर बाल श्रम की खुलकर अनदेखी हुई।
बुधवार को घंटाघर प्रांगण में अनगिनत बच्चे अपने हाथों में दीपक, बाती,
लक्ष्मी जी की फोटो, कमल का फूल आदि पूजा की सामग्री बेचते देखे गए। इससे
श्रम अधिनियम के अक्षरश: पालन करने के दावों की पोल खुल गई है।
छह से 14
वर्ष की आयु वर्ग के हर बच्चे को प्राथमिक शिक्षा दिलाने के लिए शिक्षा का
अधिकार अधिनियम व बाल श्रम को रोकने के लिए श्रम अधिनियम बनाया गया है।
लेकिन, दोनों ही कानून धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। दीवाली पर्व पर इन
कानूनों की खुलकर धज्जियां उड़ी। नगर के ह्दय स्थल कहे जाने वाले घंटाघर
प्रांगण में अनगिनत बच्चों ने दीया, बाती, लक्ष्मी जी की फोटो, कमल का फूल
और जानवरों को बांधने वाले सजावटी सामान की बिक्री करते नजर आए। यही नहीं,
कई दुकानदारों ने अपने बच्चों को दुकान पर बैठाकर उनका सहयोग लिया।