ललितपुर। बसंत पंचमी के दिन जिला कुशवाहा समाज के तत्वावधान में आयोजित होने वाले सम्मेलन के प्रचार के लिए लगाए गए पोस्टरों में सदर विधायक की गैर मौजूदगी ने विभिन्न चर्चाओं ने जन्म दे दिया है। इस मामले को लोग इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।
जिला कुशवाहा समाज के तत्वावधान में 13 फरवरी को नदी पार स्थित कौशल किशोर मंदिर (कुशकुटी) में नव युवक-युवती परिचय सम्मेलन, नव निर्वाचित स्वजातीय जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधानों का सम्मान समारोह और कुशवाहा दिग्दर्शिका का विमोचन किया जाना है।
इसमें मुख्य अतिथि बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य, भाजपा के सांसद केशव प्रसाद मौर्य, उत्तर प्रदेश शासन के केबिनेट मंत्री रामआसरे वर्मा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष ऊषा मौर्य बनाए गए हैं। वहीं, विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रीय कुशवाहा महासभा के संस्थापक सदस्य नीलम सिंह कुशवाहा, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष रामरतन कुशवाहा, जगदीश सिंह कुशवाहा और किशनलाल कुशवाहा शामिल हैं। कार्यक्रम में की अध्यक्षता कैलाश नारायण कुशवाहा ठेकेदार करेंगे।
इतने बड़े आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर और होर्डिंग्स में कुशवाहा समाज के तमाम लोगों को जगह दी गई है, लेकिन सदर विधायक रमेश कुशवाहा दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। इससे विभिन्न चर्चाओं ने जन्म ले लिया है। समाज के कुछ लोगों का तर्क है कि जब बसपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी मौर्य को मुख्य अतिथि बनाया गया है तो सदर विधायक रमेश कुशवाहा को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए था। कुछ लोग इसे पर्दे के पीछे की राजनीति का हिस्सा मान रहे हैं। सच्चाई जो भी हो, लेकिन नित नई चर्चा जन्म ले रही हैं।
बसपा नेता को किया जा रहा हाईलाइट
पोस्टर और होर्डिंग्स में बसपा नेता को प्रमुखता से हाईलाइट किया गया है। मुख्य अतिथियों में बसपा नेता स्वामी मौर्य की ही फोटो लगाई गई है, जबकि अन्य अतिथियों के सिर्फ नाम लिखे गए हैं।
संतुलन बनाने की कोशिश
कुशवाहा समाज के कार्यक्रम में संतुलन बैठाने का प्रयास किया गया है। इस कार्यक्रम में बसपा, भाजपा, सपा व कांग्रेस के नेताओं को जगह दत्र्ी गई है, जबकि सदर विधायक से दूरियां बनाई गई हैं।
कुशवाहा समाज का कार्यक्रम है, न कि व्यक्तिगत। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव को इसमें बुलाया गया है, इसलिए वह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। पोस्टर और होर्डिग्स में नाम होने या न होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।
- रमेश कुशवाहा
सदर विधायक ललितपुर।