ललितपुर। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जिला अस्पताल रेफर अस्पताल के तौर पर काम कर रहा है। सोमवार को हुए बस हादसे के बाद अचानक आए घायलों के लिए सही तरह से उपचार उपलब्ध कराने में अस्पताल के स्टाफ को भारी मशक्कत करनी पड़ी, जिससे अस्पताल में अफरा- तफरी मची रही।
सोमवार की दोपहर में जिला अस्पताल में ग्राम खितवांस के पास हुए बस हादसे के दर्जनों घायलों के आने के बाद से पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई। ओपीडी में मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ी। दुर्घटना की खबर मिलने पर एसडीएम सदर रमेश चंद्र व कोतवाली प्रभारी मंगला प्रसाद तिवारी आदि जिला अस्पताल पहुंचे।
हालांकि, अस्पताल कैंपस में काफी भीड़ लगी होने के कारण पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को पहले जमीन पर लिटाया गया, इसके बाद उन्हें बेड का इंतजाम किया गया।
ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर बनाया गया है। ट्रामा सेंटर को बनाने का उद्देश्य गंभीर दुर्घटनाओं में घायलों को समुचित इलाज कराना था, लेकिन वर्तमान में यह केवल ऑर्थोपेडिक विभाग के ओपीडी का काम कर रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद ट्रामा सेंटर में सुविधाएं होने के बाद भी इसका संचालन नहीं हो पा रहा है।
जिला चिकित्सालय में पहुंचे घायलों में सिविल लाइन निवासी प्रीति तिवारी पत्नी ब्रजनंदन (30), कैलगुवां निवासी सुरेंद्र परिहार (22) पुत्र सियाराम, हरीसिंह यादव (29), कुमरौल निवासी नीलू (10) पुत्री बारेलाल, नौनीबाई (32) पत्नी बारेलाल, सिलावन निवासी निशा राय (22) पुत्री लखनलाल और विमला (50) पत्नी सुरेश प्रसाद की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
बस मालिक ग्राम नैनवारा निवासी संतोष राजा गंभीर रूप से घायल थे, जिन्हें जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
यह रहे घायल
जिला अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल कराए गए घायलों में मुकेश कुमार (25) पुत्र रामदास निरंजन मुहल्ला आजादपुरा, सुरेश (70) पुत्र बंकेश ग्राम छायन, नरेंद्र (30) पुत्र सुरेश छायन, शुभम (24) पुत्र केशव प्रसाद पटैरिया जेल चौराहा, कांशीराम (70) पुत्र हल्के रामनगर, गौरव कुमार (36) पुत्र रमेशचंद्र आगरा, गीता (33) पुत्री हरीराम सिलावन, मीरा (35) पत्नी शंकर बड़ामहर्रा, रोहित यादव पुत्र रगवीर बजर्रा, रामकिशोर (60) पुत्र माता प्रसाद सिलावन,
मोहन (45) पुत्र हरीसिंह सिलावन, राजेश प्रसाद (32) पुत्र देव सिंह बछरई, मिनीराजा (18) पुत्र हरज्ञान सिलावन, चंद्रभान (77) पुत्र कुंजी सिलावन, हरपाल सिंह (55) पुत्र फौज सिंह महरौनी, लछमन (60) पुत्र हिम्मत ग्राम छपरट, हल्की पत्नी राजपाल, बृजेंद्र सिंह (26) पुत्र मंगल डोंगराखुर्द, कमरूद्दीन (60) पुत्र अल्लादीन नदीपुरा, पूनम (40) पत्नी जुगलकिशोर सिद्धनपुरा, रश्मि (12) पत्नी उपदेश तालबेहट, महरा पत्नी रतन प्यासा, मुस्कान पुत्री मुकेश टेनगा,
क्रांतिदेवी (19) पुत्री गोकुल प्रसाद बछलापुर, रितुराज(13) पुत्र दुर्गा, शिवा (14) पुत्र महादेव सतरवांस, नब्बी (70) पुत्र प्रभूदयाल सिलावन, सोनम (18) पत्नी दिलीप तालाबपुरा, उर्मिला (22) पत्नी रवि जाखलौन, मुस्कान (43) पत्नी नत्थू नेहरू नगर, मुख्तार खां (70) पुत्र हुसैन खां लक्ष्मीपुरा, 26 वर्षीय नितिन सिंह पुत्र तिलक सिंह चौकाबाग,
फूलन देवी (70) पत्नी लखन लाल दैलवारा, वंशीधर पुत्र शेर सिंह और फूलचंद्र पुत्र सालिकराम सैदपुर के अलावा अन्य आधा दर्जन सवारियां भी मामूली घायल हुई हैं।