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शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहा नालियों का गंदा पानी

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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर में मुख्य मार्गों के किनारे की कच्ची नालियां अभी तक पक्की नहीं हो सकी है। इससे नालियों का गंदा पानी इधर-उधर बह रहा है। इसकी बानगी जेल चौराहा है। ऐसा नहीं है कि यह अकेला ही स्थल हो, इस तरह की समस्या कई जगहों पर बनी हुई है। इससे शहर में हो रहे विकास कार्य उभरकर नहीं आ पा रहे हैं और सुंदरता की साख पर बट्टा लगा रहे हैं।
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नगर पालिका परिषद विभिन्न मदों के माध्यम से सड़क, नाली व पुलिया के कार्य करा रही है। पालिका अध्यक्ष रजनी साहू के कार्यकाल में विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली व पुलिया के काम हुए हैं, लेकिन मुख्य मार्गों के किनारे की नालियों की सुध अभी तक नहीं ली गई है। इसका उदाहरण जेल चौराहा है। यहां सड़क किनारे की कच्ची नाली का गंदा पानी यहां-वहां फैल रहा है। नवीन गल्ला मंडी के सामने का भी यही हाल है। यहां एक बाइक कंपनी का शोरूम, निजी बैंक, निजी क्लीनिक है। नदीपार कैलगुवां तिराहे के पास भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष के घर के सामने से नाली का गंदा पानी बह रहा है। कोतवाली के बगल में फायर आफिस के सामने की नाली कई महीने से चोक पड़ी है। इसके अतिरिक्त मोहल्ला जुगपुरा, नेहरू नगर, सिविल लाइन वार्ड तेइस की टपरियन बस्ती में भी कच्ची नालियां समस्या बनी हुई हैं। इस मौसम जब यह हाल है तो बरसात के दिनों में इन नालियों से उत्पन्न होने वाली समस्या का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसके बाद भी कच्ची नालियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में नगर पालिका परिषद के प्रति असंतोष देखा जा रहा है।

नदीपार मुहल्ले में कच्ची नालियों की वजह से साफ-सफाई नहीं रह पा रही है। विशेषकर मवेशी बाजार की समस्या गंभीर है। यहां गंदा पानी नाली के अभाव में टेढ़ा मेढ़ा रास्ता बनाकर बह रहा है। जिन दुकानों के सामने से नाली का गंदा पानी बहता है, वहां ग्राहक अक्सर जाने से कतराते हैं। कच्ची नालियों को पक्का बनाने की जरूरत है।
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- नंदू साहू

सुपर मार्केट के सामने की नाली को ढांका नहीं जा रहा है। इस नाली के ऊपर रखे कई पटिये क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे बाजार की सुंदरता कायम नहीं रह पा रही है। इसकी शिकायत आईजीआरएस पर की गई है, जिसका अभी तक निस्तारण नहीं हो सका है।
आशीष अग्रवाल एड.

शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के दावे धरे के धरे रह गए हैं। हाल ही में स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग जारी हुई है। इसमें नगर पालिका की रैंकिंग पिछड़ गई। इससे स्पष्ट है कि पालिका सफाई के नाम पर खानापूरी करने में लगी है। सबसे पहले कच्ची नालियों को पक्का कराया जाए।
- प्रशांत बवेले

शहर में सफाई होने के बाद भी तेजी से मच्छर पनप रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह नालियों की सही तरीके से सफाई नहीं की जा रही है। वहीं, वार्डो की कच्ची नालियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों को मच्छरों का प्रकोप झेलना पड़ रहा है।कच्ची नालियों का गंदा पानी बहने की जानकारी नहीं है। ऐसे स्थलों की जांच कराकर उनका एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा और नालियों को पक्का बनवाया जाएगा।
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आयुष शर्मा

जहां नालियां नहीं हैं। उस क्षेत्र का सर्वे कराकर नालियों का निर्माण कराएंगे, ताकि गंदा पानी सड़क पर न बहे।
- मधुसूदन जायसवाल
अधिशासी अभियंता, नगर पालिका परिषद
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