संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर में करीब एक लाख की आबादी की प्यास बुझाने वाले गोविंद सागर बांध में 12 से ज्यादा नालियों का दूषित पानी गिर रहा है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते बांध का पानी गंदा हो रहा है। ऐसे में लोगों को बीमारियों की चिंता सताने लगी है। जानकारी के बाद भी विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में पानी की स्वच्छता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए गोविंदसागर बांध से प्रतिदिन लगभग 34 एमएलडी पानी फिल्टर के लिए निकाला जाता है। जल शोधन संयंत्र में फिल्टर करने के बाद पानी पीने योग्य होता है। शहर को दो भागों में बांटकर लोअर व अपर जोन में इसकी आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा, नेहरूनगर पेयजल परियोजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। साथ ही ग्राम रोड़ा, रजवारा, गदयाना, पनारी समेत अन्य गांवों में भी पेयजल की आपूर्ति होती है।
हालत यह है कि आजादपुरा तृतीय, चंडीमंदिर, नेहरू नगर, देवगढ़ रोड की नालियों का मुंह बांध की ओर खुला हुआ है। इससे नालियों का पानी व गंदगी बांध में जा रही है। इससे गोविंद सागर बांध का पानी दूषित हो रहा है। यही नहीं, बांध का पानी नदी में भी जा रहा है। इसके साथ ही नदी में गिर रही नालियों से शहजाद बांध का पानी भी दूषित हो रहा है। इसके बाद भी मामले में जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। ऐसे में लोगों को सेहत की चिंता सता रही है।