संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। धैर्य से ही भक्ति का फल मिलता है। यह बात कथावाचक संत धनवंतरीदास महाराज ने धनुषधारी मंदिर में हो रही शिवमहापुराण कथा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भक्ति में धैर्य का विशेष महत्व है।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दौरान धनुषधारी मंदिर में शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है, सबसे पहले सुबह शिवार्चन किया गया। इसके बाद कथा आयोजन हुआ, इस दौरान भक्ति के महत्व को बताया गया। धनवंतरीदास ने कहा कि शबरी ने राम की भक्ति में वर्षों इंतजार किया, जिसके बाद उन्हें उसका फल मिला, स्वयं भगवान उनकी कुटिया में आए और उनके हाथ से बेरों का का रसपान किया। उन्होंने कहा कि भक्ति में कुछ मांगा नहीं जाता है, इसी का प्रभाव है कि भक्तों के वश में भगवान हो जाते हैं। इस अवसर पर संजय, सीएल गुप्ता, अरविंद नौगरिया, प्रभुदयाल, मनोज, सुदामा प्रसाद, ओम प्रकाश, बृजकिशोर, शरद खैरा, विनोद खैरा, कैलाश, अशोक, राजीवसेठ, नरेश, प्रदीप खैरा, राहुल, वैभव, महेश, नरेंद्र, आशीष, रामराजागुप्ता, अनुपम, दीपक, जयराम, प्रकाश, डीपी गुप्ता, सुरेंद्र, मिथेलश, राखी, कल्पना, सुनीता, नीतू, वर्षा, रविंद्र, रामकुमार, लखनलाल, लक्ष्मीनारायण, कमलेश कुमार आदि मौजूद रहे।