तालबेहट। नगर के वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान में सोमवार को विधानाचार्य अरुण के निर्देशन में अभिषेक व शांतिधारा पूजन विधान किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने सिद्धों की आराधना कर 1024 अर्घ्य समर्पित किए। सात मार्च को अंतिम दिन विमान निकाले जाएंगे।
मंदिर में सुबह धार्मिक कार्यक्रमों के तहत मंगलाचरण बाल ब्रह्मचारी गीतू, सीमा और रानू ने किया। इसके बाद अरुण भैया ने श्रीपाल- मैना सुंदरी के चरित का वर्णन करते हुए कहा कि शाश्वत और मांगलिक सिद्ध चक्र महामंडल विधान मनोकामना पूर्ति का उपयुक्त माध्यम है।
उन्होंने धर्म का मर्म समझाते हुए कहा कि मानव जीवन को सफल बनाने के लिए संयम धारण करना चाहिए। धर्म को ढंग से करो, ढोंग से नहीं करना चाहिए, दृष्टि बदलने से सृष्टि बदल जाती है।
इसके बाद मधुर संगीत में भक्तिभाव से नृत्यमय महाआरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। कार्यक्रम का संचालन विशाल जैन ने किया। मंदिर समिति के महामंत्री प्रवीन जैन कड़ेसराकलां ने बताया 7 मार्च को सुबह विश्व शांति महायज्ञ एवं हवन के बाद विमानोत्सव का आयोजन होगा।