धर्म प्रधान है भारतीय संस्कृति: देवाचार्य
ललितपुर। साकेतवासी महामंडलेश्वर महंत बालकृष्णदास महाराज के प्रथम पुण्य स्मृति महामहोत्सव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्री तुवन मंदिर प्रांगण में जगद्गुरु डा. स्वामी राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति धर्म प्रधान संस्कृति है।
उन्होंने कहा कि शास्त्र और संस्कारों की बदौलत भारत विश्व में जगद्गुरु की महिमा से मंडित रहा है। ज्ञान, भक्ति एवं कर्म यहां के पुरुषों का ध्येय रहा है। आज का मानव ईश्वरीय नियमों के विपरीत आचरण कर विनाश की ओर जा रहा है। अभी कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है। इस युग की 4 लाख 32 हजार वर्ष की आयु है, इसमें से मात्र 5 हजार 119 वर्ष बीता है। कलियुग के अंत में भगवान नारायण कल्कि भगवान का अवतार धारण कर विश्व को विनाश की विभीषिका से बचाकर पुन: धर्म की स्थापना करेंगे।
उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने समाज को व्यवस्थित करने के लिए धर्म की व्याख्या करते हुए धर्म के दस लक्षणों का प्रतिपादन किया है। भागवत, रामायण, गीता जैसे धर्मग्रन्थों में संसार के हर दु:ख का समाधान है। उन्होंने माता-पिता एवं गौमाता की सतत सेवा करते हुए भगवान श्रीराम- कृष्ण के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
कथा के प्रारंभ में मुख्य यजमान सरदार वीके सिंह व रूपेंदर कौर ने श्रीमद्भागवत का पूजन एवं आरती की। व्यास पीठ पर विराजमान जगदगुरू देवाचार्य का माल्यार्पण कर पूजन किया। कथा में किशोरदास जू महाराज, महंत बनवारीदास महाराज, महंत रामशिरोमणि दास, महंत देशबन्धु महाराज, तुवन मन्दिर के महंत रामलखनदास महाराज, गंगादास महाराज, डॉ.ओमप्रकाश शास्त्री, पालिकाध्यक्ष रजनी साहू, नरेश शेखावत, संजय ड्योडिया, आरएन शुक्ला, डॉ.एसपी पाठक, सजन कुमार शर्मा, जयशंकर प्रसाद द्विवेदी, श्रीराम समाधिया, प्रदीप चौबे, आदित्य नारायण बबेले, विवेक सड़ैया, रामेश्वर प्रसाद मिश्रा, दिनेश गोस्वामी, ज्योति सिंह लोधी, कल्पनीत सिंह, देवेंद्र चतुर्वेदी, अवध बिहारी उपाध्याय, प्रकाश पुरोहित आदि उपस्थित रहे।
चित्र विचित्र महाराज के भजनों की रही धूम
ललितपुर। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान तुवन मंदिर परिसर में रात्रि में वृंदावन धाम से आये चित्र विचित्र महाराज द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया गया। देर रात तक श्रद्धालु भजनों का आनंद लेते रहे। उनके द्वारा गाया भजन ओ राधारानी.. कृपा बनाये रखना, हरीनाम नहीं तो जीना क्या, अमृत है हरीनाम, जगत का आधार है सन्त, हमें सत्य मार्ग दिखाने का आते हैं सन्त... जैसे भजन सुनाकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इससे पहले जगदगुरू देवाचार्य महाराज ने दीप जलाकर भजन संध्या का शुभारम्भ किया। पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने चित्र विचित्र महाराज को माल्यार्पण कर अभिनन्दन किया। भजन संध्या के मनोरथी रवि तिवारी ने सभी महापुरुषों का माल्यार्पण कर अभिवादन किया। देर रात तक श्रद्धालु उनके भजनों पर झूमते नजर आये। इस मौके पर किशोरदास महाराज, महामण्डलेश्वर संतोषदास सतुबा बाबा काशी, दीनबंधु दास महाराज सहित अनेक सन्त महापुरुष एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।