संवाद न्यूज एजेंसी
सौजना (ललितपुर)। अयोध्या धाम से आए कथा व्यास पं. शिवम दास महाराज ने कहा कि भगवान का ध्यान एकांत में और कीर्तन व सत्संग सबके साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कामना रहित भक्ति भगवान को प्रिय है। वह रविवार को मजरा जटऊआ में श्रीमद्भागवत कथा का वर्णन कर रहे थे।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान का नाम लेने से मानव का कल्याण हो जाता है। श्रीकृष्ण ने जब कंस का वध किया तो उसने अंतिम समय में भगवान कृष्ण का नाम ले लिया तो उन्होंने उसे भी अपने चरणों में स्थान दे दिया। कथा व्यास ने प्रेम और ज्ञान को विस्तार से समझाते हुए कहा कि उद्धव जी के पास ज्ञान था, परंतु वह प्रेम रहित थे। उन्होंने जब गोपियों को ज्ञान की बातें समझाईं तो उन्होंने उनकी एक न सुनी। कथा व्यास ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। इस दौरान सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर मुख्य यजमान पंडित पुरुषोत्तम नारायण दांतरे, राम सजीवन, कृष्णा दांतरे, शशि कुमार, शिव शंकर, अखंड प्रताप, नीरज, राम लखन, पवन, दशरथ नंदन आदि मौजूद रहे।