जिला अस्पताल में डेंगू वाई में लगा ताला
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फोटो- 01ललितपुर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले डेंगू व मच्छर जनित बीमारियों ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। ऐसे में अन्य जनपदों के हालात देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में 10 बेड का डेंगू वार्ड स्थापित कर दिया है। वहीं सीएचसी पर भी डेंगू के मरीजों के लिए बेड तैयार करा दिए गए। पर्याप्त मात्रा में दवाइयां और जांच किट भी उपलब्ध करा दी गईं है।
बीते माह हुई लगातार बारिश से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक में जगह-जगह जलभराव है। इससे मच्छर जनित बीमारियों के बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। अस्पतालों में वायरल और जुकाम के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि अभी तक कोई डेंगू का मरीज नहीं मिला लेकिन स्वास्थ्य विभाग अन्य जनपदों को देखते हुए डेंगू से निपटने के लिए तैयारियों में जुट गया है। जिला अस्पताल में दस बेड का डेंगू वार्ड तैयार करा दिया गया है। वार्ड की खिड़कियों व दरवाजे को कांच व जालियों से सुरक्षित किया गया है। साथ ही प्रत्येक वार्ड पर मरीजों को मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी की सुविधा की गई है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर सीएचसी में दो से पांच तक बेड के डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जहां पर पलंग पर मच्छरदानी व खिड़कियों में जाली लगाई गई है। प्रत्येक अस्पतालों पर पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की व्यवस्था का दावा किया जा रहा है।
जनपद में अब तक डेंगू का एक भी मरीज नहीं पाया गया है। बीते दिनों जिला अस्पताल में दो बुखार के मरीज उपचार के लिए आए थे। जिन्हें संभावित लक्षण मिलने के चलते एनएस-1 जांच कराई गई। जांच में पॉजिटिव आने के बाद सैंपल लेकर एलाइजा टेस्ट के लिए झांसी भेजा गया था। जहां पर जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने से राहत रही है।
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जिला अस्पताल में जांच किट
मरीजों में डेंगू की जांच के लिए दो जांच की जाती है। इसमें एनएस-1 जांच में पहले की जाती है। जिसमें पॉजिटिव आने के बाद मरीजों के सैंपल को एलाइजा टेस्ट के लिए झांसी भेजा जाता है। जहां से रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होती है। पॉजिटिव आने पर जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कर उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाती है। जिला अस्पताल स्थित पैथोलॉजी में 59 एनएस-1 जांच किट उपलब्ध हैं।
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डेंगू व मलेरिया और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर जलभराव में मलेरिया विभाग द्वारा लार्वी साइट दवा का छिड़काव किया जा रहा है। साथ ही बीमारियों से बचाव के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
- केएस सिंह यादव, जिला मलेरिया अधिकारी