फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तालबेहट में किराये के मकान में रहते थे दिल्ली के उप राज्यपाल विनय सक्सेना

विज्ञापन
विज्ञापन
तालबेहट(ललितपुर)। दिल्ली के उप राज्यपाल बनाए गए विनय कुमार सक्सेना का महाराजा मर्दन सिंह की वीर भूमि तालबेहट से गहरा नाता है। उन्होंने मां के साथ यहां किराये के मकान में रहकर इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए बाहर चले गए। व्यापार के सिलसिले में राजस्थान से होते हुए गुजरात पहुंचे और वहीं बस गए। उन्हें दिल्ली का उप राज्यपाल बनाए जाने पर नगर में रहने वाले उनके साथियों एवं उन्हें शिक्षा देने वाले गुरुओं में खुशी की लहर है।
विज्ञापन

दिल्ली के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के बचपन के साथी लोकत्रंत सेनानी विनोद कुमार संज्ञा ने बताया कि विनय मूलत: प्रतापगढ़ के निवासी हैं। चार भाइयों में वह तीसरे नंबर के हैं। उनकी माता विद्या देवी नगर के राजकीय बालिका हाईस्कूल जो वर्तमान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के नाम से जाना जाता था उसकी प्रधानाचार्या थीं। वे मां के साथ यहां गंज में किराये के मकान में रहते थेे। छात्र सभा में पहला अध्यक्ष उन्हें चुना गया था, जबकि विनय उनके साथ पहले महामंत्री थे। विनय ने कक्षा नौ से बारह तक की पढ़ाई नगर के मर्दन सिंह इंटर कॉलेज में की। इसके बाद वह अध्ययन के लिए बाहर चले गए। बाद में व्यापार के सिलसिले में राजस्थान और गुजरात गए। वह गुजरात में बस गए। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के लगातार दो बार चेयरमैन रहे विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली का उप राज्यपाल बनाया गया है। इसकी खबर जैसे ही सोशल मीडिया के माध्यम से नगर के लोगों को खास कर उनसे संबंध रखने वाले उनके साथियों एवं गुरुजनों को हुई, तो सभी प्रसन्न हो उठे।
संगीत और क्रिकेट के रहे शौकीन
बचपन के साथी पुरुषोत्तम नारायण चतुर्वेदी उर्फ पत्तू चौबे ने बताया कि वह काफी प्रतिभावान हैं। संगीत और क्रिकेट में काफी रुचि रखने वाले हैं। 20 अगस्त 2019 को वह तालबेहट आए थे। मर्दन सिंह इंटर कॉलेज में उनसे मुलाकात हुई थी। उन्हें शिक्षा देने वाले जगदीश प्रसाद बिलगैंया अपने छात्र की इस उपलब्धि पर प्रसन्न हैं। उनका कहना है कि विनय कुमार की मेहनत, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतिफल है जो उन्हें मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें