संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दिल्ली पुलिस की टीम ने बिना वर्दी किसी पुलिस अधिकारी को सूचित किए बिना मंगलवार सुबह पुलिस लाइन से दो सिपाहियों और एक अन्य व्यक्ति को हथकड़ी लगाकर हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस रुपयों के लेनदेन के विवाद में दर्ज हुए केस की पूछताछ करने आई थी। अपने सिपाहियों को हथकड़ी में देख ललितपुर पुलिस ने दिल्ली पुलिस की पूरी टीम को कोतवाली में बैठा लिया। सुबह से शुरू हुआ विवाद देर रात तक भी नहीं सुलझ पाया है।
सीओ सदर अभय नारायण राय ने बताया कि मंगलवार की सुबह मोहल्ला तालाबपुरा निवासी शिखा राजे बुंदेला ने डायल 112 को सूचना दी कि उसके भाई विक्रम राजा को निजी वाहन में कुछ लोग उठाकर ले जा रहे हैं। इसके बाद ललितपुर पुलिस के दो सिपाहियों और एक अन्य को हथकड़ियों में कुछ लोग कोतवाली लेकर पहुंचे। सभी सादे लिबास में थे। उन्होंने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताया।
दिल्ली में दर्ज है मुकदमा
पूर्वी दिल्ली के अशोक नगर थाने में वहीं के अंकित जैन ने ललितपुर पुलिस के सिपाही सचिन अवस्थी पर जबरन रुपये ले जाने का केस दर्ज कराया था। अंकित जैन की बहन सीमा जैन ने एक कंपनी स्थापित की थी। आरक्षी सचिन के भाई इसमें भागीदार हैं। रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद है। इसी मामले में दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए आई थी। लेकिन, दिल्ली पुलिस ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया। स्थानीय अधिकारियों और पुलिस को सूचना नहीं दी। साथ ही पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के दौरान उन्हें हथकड़ी लगा दी।
कोतवाली में हुई नोकझोंक
पूर्वी दिल्ली के अशोक नगर थाने में तैनात निरीक्षक दर्पण सिंह के नेतृत्व में तीन सिपाही ललितपुर आए थे। इनके साथ एक महिला भी थी जो सीमा जैन बताई जा रही है। ये सभी पुलिस लाइन से दोनों आरक्षियों को हाथों में हथकड़ी लगाकर कोतवाली पहुंचे तो यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने हथकड़ी लगाने का कारण पूछा। दिल्ली पुलिस की टीम ने कोतवाली पुलिस पर अपना रौब झाड़ा। कोतवाली पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच नोेकझोंक हो गई। इस बीच पुलिस के उच्चाधिकारी आए तो दिल्ली पुलिस के तेवर ढीले पड़ गए। साथ आई महिला से भी पूछताछ की गई है।