संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। आठ माह की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने त्वरित सुनवाई करते हुए छह माह के भीतर दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तालबेहट में निर्मम हत्या के मामले में भी न्यायालय ने फैसला सुनाया। इस वर्ष का सबसे चर्चित मामला ब्लॉक प्रमुख तालबेहट का रहा, जिसमें वर्तमान ब्लॉक प्रमुख पहले जनपद न्यायालय से हारकर पद गवां बैठे, इसके बाद हाईकोर्ट से उन्हें पद वापस मिल गया।
केस नंबर एक
थाना बालाबेहट पुलिस ने आठ माह की बच्ची से दुष्कर्म का मामला इसी वर्ष मई में दर्ज किया था। पीड़िता ने गांव के युवक भरत सहरिया पर आरोप लगाया था कि उसकी बच्ची को वह खिलाने के बहाने ले गया। बच्ची से दुष्कर्म किया। पुलिस ने जुलाई में आरोपपत्र दाखिल किया। पॉक्सो न्यायालय ने घटना के छह माह के अंदर ही त्वरित सुनवाई करते हुए 29 नवंबर को भरत सहरिया को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
केस नंबर दो
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद बाबर खान ने विगत 4 मार्च को मड़ावरा में हत्या के चर्चित प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। थाना मड़ावरा में 12 सितंबर 2019 की रात्रि को वीर बहादुर सिंह ने झोपड़ी में सो रहे एक युवक राजेश की हत्या कर दी थी। मृतक की पत्नी बंटी ने पुलिस को दिए प्रार्थनापत्र में बताया था कि उसकी जेठानी उसके हिस्से का पैतृक मकान बेचना चाहती थी। जिसके चलते उसने अपने प्रेमी वीर बहादुर से हत्या कराई थी।
केस नंबर तीन
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश यादवेंद्र सिंह ने विगत 15 अक्टूबर को हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। थाना मड़ावरा थाना क्षेत्र अंतर्गत 26 दिसंबर 2012 को एक युवक महेंद्र का शव जामनी बांध में पड़ा मिला था। उसके शरीर पर चाकू के 21 निशान थे। पुलिस ने एक नाबालिग सहित मड़ावरा के युवक शाखरूख को एक सप्ताह के अंदर घटना का पटापेक्ष कर गिरफ्तार किया था। नाबालिग को साक्ष्यों के अभाव में किशोर न्यायालय ने बरी कर दिया था। जबकि, शाखरूख को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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केस नंबर चार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाबिस्ता आकिल ने पिता की हत्या में दो बेटों को चार-चार साल की सजा सुनाई। थाना कोतवाली के ग्राम करगन निवासी सीताराम अपने दरवाजे पर बैठा था। उसका बेटा अर्जुन आया तो उसे ट्रैक्टर का पंचा गांव के व्यक्ति को बिना पूछे दे दिया। इस पर कहासुनी हो गई, वह सीताराम को मारने लगा। आवाज सुनकर उसका दूसरा बेटा अजीत भी आ गया। वह भी मारपीट करने लगा। ग्रामीणों ने सीताराम को बचाया। इसके बाद इलाज के दौरान सीताराम की मौत हो गई।
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केस नंबर पांच
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डकैती कोर्ट ने पति की हत्या में पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम थनवारा में 9 नवंबर 2020 की रात में घर के अंदर सो रहे सूरज अहिरवार की पत्थर से कुचल कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने झांसी निवासी वीर सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जब गहराई से जांच की तो नई कहानी सामने आई। मृतक की शादी रामकुंवर उर्फ रानी से हुई थी। वह उसकी चार एकड़ भूमि अपने नाम पर कराने का दबाव बना रही थी। जब वह नहीं माना तो उसने पत्थर से कुचल कर हत्या कर दी।