डोंगरा खुर्द (ललितपुर)। बुंदेलखंड में सूखे और कर्ज से तंग दो और किसानों की मौत हो गई है। इनमें एक वृद्ध किसान ने ललितपुर के थाना नाराहट के अंतर्गत ग्राम धोलपुरा में कर्ज और सूखे से परेशान होकर ट्रांसफार्मर पर बैठकर बिजली का तार पकड़ लिया। बुरी तरह से झुलसे किसान की मौके पर ही मौत हो गई। दो किसानों की सदमे से मौत हो गई।
ग्राम धौलपुरा निवासी किसान हिम्मत उर्फ बूचे ढीमर (70) बुधवार की दोपहर में गांव के अनिल कुमार सिंह के मकान की छत पर चढ़ गया। इसके बाद वह छत से बगल में बिजली आपूर्ति के लिए लगे ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया। ट्रासंफार्मर पर उसे बैठा देख गांव वालों की भीड़ एकत्रित हो गई।
खबर मिलने पर उसके परिजन पहुंचे और उसे नीचे उतारने की कोशिश करने लगे, लेकिन उसने करंट प्रवाहित हो रहे तार को पकड़ लिया और धू- धू कर जलने लगा। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई और वह ट्रांसफार्मर से नीचे गिर पड़ा।
मृतक के बेटे रामप्रसाद ने बताया कि उसके पिता सरकारी कर्ज और सूखती फसल के कारण परेशान थे। मंगलवार को भी उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की थी। उसने बताया कि मंगलवार की दोपहर पिता खेत पर गए थे, इसी दौरान खेत पर लगे पेड़ से फंदा लगाकर उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन मौके पर परिजनों के पहुंच जाने के कारण उस समय फंदे से नीचे उतार लिया गया।
रातभर परिजनों ने उसे समझाया, लेकिन वृद्ध किसान कर्ज व फसल को लेकर चिंतित था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के नाम चार एकड़ जमीन है। उसने किसान क्रेडिट कार्ड पर दो लाख रुपये का कर्ज लिया था।
विकासखंड बंगरा के ग्राम उल्दन मेें दलित किसान भदोले पुत्र चतरे अहिरवार के पास चार एकड़ जमीन है। किसान पर भारतीय स्टेट बैंक का किसान क्रेडिट कार्ड का सवा लाख रुपये ऋण था।
उसके परिजनों ने बताया कि मंगलवार को भदोले खेत पर गया था, इसी दौरान उसके सीने में दर्द होने से वह बेहोश होकर खेत में ही गिर पड़ा तथा उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
सूखा की मार और अन्ना मवेशियों द्वारा फसल उजाड़ देने के सदमे में किसान की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जिला अस्पताल से परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव घर ले गए। सदर तहसील के पैगंबरपुर (गिरवां) गांव निवासी मुकुंदी (50) बुधवार की सुबह खेत गया था। उसकी लगभग तीन बीघा गेहूं की फसल अन्ना मवेशियों ने उजाड़ दी थी। अरहर की फसल भी सूख रही है। घर लौटते ही उसके सीने में दर्द हुआ।
पत्नी चंदा और पुत्र सुरेंद्र उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने बताया कि मुकुंदी के नाम डेढ़ बीघा जमीन है। 11 बीघा जमीन बंटाई पर लिए है। सूखे से खरीफ और रबी की फसल चौपट हो गई।
बची-खुची फसल अन्ना मवेशियों द्वारा उजाड़ देने के सदमे में मुकुंदी की मौत हो गई। एसडीएम सदर अनुज सिंह का कहना है कि लेखपाल को भेजकर जांच कराएंगे। नियम के मुताबिक यथा संभव मदद दी जाएगी।