दीनदयाल ग्रामीण ज्योति विद्युतीकरण योजना के तहत जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपये से होने वाला 158 गांव और मजरों का विद्युतीकरण कार्य बजट नहीं मिलने से अटक गया है। इसी योजना के तहत 554 गांव में विद्युतीकरण का कार्य हो चुका है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत जनपद के 1075 गांव और मजरों को विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया था। इसके बाद उक्त योजना को शासन द्वारा दीनदयाल ग्रामीण ज्योति विद्युतीकरण योजना में बदल दिया गया। यह पूरी योजना 87.67 करोड़ रुपये की थी, लेकिन गांवों में सर्वे के आधार पर उक्त योजना में बाद में मात्र 712 गांव व मजरे ही शामिल किए गए। इसमें कुल 475 गांव व 237 मजरे शामिल हैं। इसमें अब तक कुल 554 गांव में विद्युतीकरण पूर्ण कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जबकि अब भी 158 गांवों व मजरों में विद्युतीकरण का कार्य किया जाना बाकी रह गया है। हालांकि 468 गांव का विद्युतीकरण का कार्य कर लिया गया है।
इस योजना में ब्लॉक बार के अंतर्गत 141 गांव के सापेक्ष अब तक मात्र 76 गांव में विद्युतीकरण हो सका है। इसी प्रकार ब्लॉक बिरधा के अंतर्गत 113 गांवों के सापेक्ष 95 गांवों में विद्युतीकरण हो चुका है। जखौरा ब्लॉक के 137 में से 117 गांवों में विद्युुतीकरण पूरा हो गया है। महरौनी ब्लॉक के अंतर्गत 109 गांव में से 92 गांव का विद्युतीकरण हो चुका है। मड़ावरा ब्लॉक के 115 गांवों के सापेक्ष 98 गांव का विद्युुतीकरण कंपलीट हो गया है। वहीं तालबेहट ब्लॉक के 97 गांवों के सापेक्ष 76 गांव में विद्युतीकरण हो गया है। उक्त योजना के लिए कार्यदाई संस्था को उपलब्ध कराए गए करीब 25 करोड़ रुपये का बजट से कार्य कर लिया गया है। जबकि करीब दस करोड़ रुपये के बिल पास करा दिए गए हैं। लेकिन पूर्ण फंडिंग नहीं होने से उक्त 158 गांवों का विद्युतीकरण अब भी अटका हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण में योजना के तहत कार्यदाई संस्था द्वारा चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में 16 केवीए, 25 केवीए व 63 केवीए के सिंगल फेस और थ्री फेस के कनेक्शन दिए गए हैं। उक्त योजना में चयनित ग्रामों में बीपीएल राशन कार्ड धारक गरीबों को निशुल्क कनेक्शन दिया जा रहा है, जिसमें विद्युत खंभे से केबल डालकर विद्युुत मीटर, एलईडी बल्ब देकर घरों को रोशन किया जाना है। ऐसे में यदि आंकलन किया जाए तो अब भी उक्त योजना के तहत करीब 22 फीसदी गांव में विद्युतीकरण किया जाना बाकी रह गया है। शासन की इस योजना से घरों को रोशन होने का सपना संजोए गरीबों को अब भी अंधेरे में रहकर रातें गुजारनी पड़ रही हैं।
दीनदयाल ग्रामीण ज्योति योजना से किया जाने वाला ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण का कार्य छह माह से फंडिंग नहीं हो सकने के कारण पूर्ण नहीं हो सका है। शासन को योजना की कार्य प्रगति भेजकर बाकी बजट की डिमांड की गई है, ताकि योजना का कार्य पूर्ण करवाया जा सके।
गौरव कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, ललितपुर।