तालबेहट। तीन दिन से बिजली संकट को झेल रही जनता को रविवार देर रात विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की मेहनत के बल पर बिजली मिल गई, लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारू न होने से अंधेरा छाया रहा। वहीं सोमवार को पूरे दिन लोगों को बिना बिजली के गुजराना पड़ा। नगर के दोनों फीडरों पर विद्युत आपूर्ति चालू हो गई थी लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप थी।
इस समय से क्षेत्र की बिजली और पानी की समस्या पटरी से उतर गई हैं। जिसके चलते क्षेत्रीय जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही हैं। शुक्रवार से बिजली की आंख मिचौनी और निर्धारित कटौती के अलावा अघोषित कटौती ने जनता के सामने गंभीर संकट पैदा कर दिया है।
शनिवार को 66 केवीए सब स्टेशन पर लगे 5 एमबीए पावर परिवर्तक में तकनीकी खराबी आने के बाद से पूरी बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। रविवार को देर रात विभागीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने दोनों फीडर चालू कर लिए लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति सुचारू न हो सकी। ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति सुचारू करने के दौरान सब स्टेशन पर लगे पैनल में पुन: तकनीकी खराबी आ गई। जिससे पूरे दिन नगर एवं क्षेत्र की जनता को संकट का सामना करना पड़ा। इसके चलते रविवार को कई गांवों में अंधेरा छाया रहा। सोमवार को जब सुबह से पूरे दिन विभागीय टीम ने ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुचारू कराने के लिए काफी प्रयास किया लेकिन वह चालू न हो सकी थी।
इन गांवों में नहीं आ रही है बिजली
दो दिन से क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। इनमें तेरई फाटक, तरगुवा, बम्होरीसर, उदगुवा, जबराताल, सेरवास कलां, धमकना ककड़ारी,पारौन, रमपुरा, बरौदाड़ाग, ससुवा कंकरेला, बधौरा आदि गांव प्रभावित हैं।
66 केवी के आसपास पत्थर होने के कारण यहां लगी मशीनों को सही तरीके से अर्थिंग नहीं मिल पा रहा हैं। जिससे ट्रांसफार्मर में आग लग जा रही हैं। इस कमी को दूर कर पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति सुचारू कराने का प्रयास किया जा रहा हैं।
विनय साहू, अवर अभियंता विद्युत