ललितपुर। पुरानी प्रणाली की ओसीबी मशीनों को बदलकर नई मशीनों को लगाने में विभागीय सुस्ती ग्रामीणों पर हर रोज भारी पड़ रही है। बुधवार की रात को बाईपास सब स्टेशन पर नदनवारा फीडर की लाइन ब्रेक डाउन होने से रात भर बिजली आपूर्ति ठप रही।
रोंड़ा विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत जनपद को 12 सब स्टेशनों में बांटा गया है। सब स्टेशनों में स्थापित कई फीडरों की ओसीबी व वीसीबी मशीनों की हालत काफी दयनीय हो चुकी है। हाइटेंशन लाइनों की दूरियां भी 50 से 60 किलोमीटर तक हो गई हैं। लाइनों व ट्रांसफार्मर पर कनेक्शनों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। सबसे अधिक दयनीय स्थिति बाईपास, बिरधा, पाली, सोजना, व बांसी सब स्टेशन की है।
बाईपास सब स्टेशन पर स्थापित नदनवारा, कल्यानपुरा, मसौरा, खितवांस, निवाई-कॉलोनी फीडरों की बिजली आपूर्ति दस दिनों तक लगातार बाधित रही थी। बुधवार की रात करीब दो बजे नदनवारा फीडर की हाइटेंशन लाइन ब्रेक डाउन में चली गई, जिससे ग्राम इमलिया, खजरा, देवरान, टोड़ी, अमरपुर, नदनवारा, चकमहरौनी समेत 27 गांव की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। अगले दिन विभाग द्वारा पेट्रोलिंग शुरू कराई और सुबह आठ बिजली आपूर्ति सुचारु की जा सकी।
वहीं बाईपास फीडर के अंतर्गत कई ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। बाईपास और बिरधा सब स्टेशन पर दिन में कई बार मशीनें हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट के बाद भी ओसीबी मशीनें ट्रिप नहीं होती हैं, जिससे पूूरी 33 केवी लाइन ही फाल्ट में चली जाती है। लेकिन विभागीय सुस्ती के चलते मशीनों को अब तक नहीं बदला जा सका है और न ही जर्जर लाइनों की दशा ही सुधारी जा सकी है।