ललितपुर-बानपुर। कंपोजिट विद्यालय बानपुर की दो कक्षाएं जर्जर हो चुकी हैं। बरसात के दिनों में छतों से पानी टपक रहा है। दीवारों में सीलन आ गई है और छत का प्लास्टर उखड़कर गिर गया है। खतरा देख शिक्षक बच्चों को दूसरी कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं।
ब्लॉक बार के बानपुर में कंपोजिट विद्यालय संचालित है। करीब 25-30 वर्ष पूर्व कक्षाओं का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में यहां 410 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। एक प्रधानाध्यापक, 10 शिक्षक व दो अनुदेशक तैनात हैं। तीन दशक पुराने इस विद्यालय की दो कक्षाएं जर्जर हाल में हैं। बारिश में छतों से पानी टपक रहा है, जिससे कक्षाओं में पानी भर जाता है। दीवारों में सीलन आ गई है और छत का प्लास्टर उखड़ने से सरिया दिखाई देने लगा है। डर के मारे बच्चे कक्षा में बैठ नहीं पाते।
नहीं हुई मरम्मत : शासन सरकारी स्कूलों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर बनाने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 19 पैरामीटर पर काम करा रहा है। लेकिन, इस विद्यालय की छत से टपक रहे पानी को बंद करने और कक्षाओं में आ रही सीलन को रोकने के लिए मरम्मत नहीं कराई गई।
-
जांच में 141 विद्यालय मिले थे जर्जर
शासन ने जर्जर विद्यालयों की जानकारी मांगी थी। 1357 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालयों में से विभिन्न ब्लॉक अंतर्गत 141 विद्यालयों को तकनीकी टीम ने स्थलीय जांच के बाद जर्जर बताते हुए सूची सौंपी थी। इन जर्जर विद्यालयों में कक्षा-कक्ष भी शामिल हैं, जिनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। ध्वस्तीकरण के बाद इनको नया बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बारिश के चलते विद्यालय में काम नहीं कराया जा पा रहा था। अब बारिश रुक गई है तो काम शुरू करवाकर कक्षाओं को सही करवाया जाएगा।
काशीराम, ग्राम प्रधान बानपुर
इस विद्यालय की दो कक्षाएं जर्जर की सूची में शामिल हैं। जर्जर विद्यालयों व कक्षाओं के ध्वस्तीकरण की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। ध्वस्तीकरण के बाद इस विद्यालय में दो नवीन कक्ष निर्मित कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जाहर सिंह निरंजन, जिला समन्वयक निर्माण