हाईकोर्ट के आदेश के बाद से अब नगर सीमा के भीतर डेयरियों का संचालन नहीं हो सकेगा। नगर पालिका की ओर से नगर में दुधारू पशु रखने वाले लोगों की सूची बनाई जा रही है। दूध का व्यवसाय करने वालों को पहले नगर सीमा के बाहर डेयरी संचालित करने के लिए मौखिक आदेश जारी होगा। यदि नहीं मानेंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट इलाहबाद की लखनऊ बेंच ने गत दिनों प्रदेश सरकार को नगर सीमा में संचालित डेयरियों का संचालन बंद कराने व सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने का निर्देश दिया था। सभी नगर निगम व नगर निकायों को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। नगर पालिका ने आवारा पशु पकड़ने के लिए कैटल कैचर वाहन का ऑर्डर दे दिया है। अगले हफ्ते तक वाहन आने पर नगर क्षेत्र में आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
नगर में कई घरों में दुधारू पशुओं को रखकर दूध का व्यवसाय किया जा रहा है। हाईकोर्ट के निर्णय पर अमल करने के लिए नगर पालिका अफसरों ने स्वास्थ्य नायकों को डेयरियों की सूची बनाने के निर्देश दिए हैं। सूची तैयार होने के बाद पशु पालकों को नए निर्देश के बारे में सूचित किया जाएगा तथा निर्देशों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई होगी। अभियान के लिए अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सीओ सदर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और अधिशासी अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति तीन महीने की डेड लाइन में कितना काम हुआ है, इसकी पूरी जानकारी जिलाधिकारी को सौंपेगी।
सड़क पर मिले जानवर तो अफसर जिम्मेदार
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद नगर विकास विभाग की ओर से जारी शासनादेश में तीन महीने के अभियान के बाद सड़कों पर आवारा जानवर मिलने के लिए अधिशासी अधिकारी और क्षेत्र के थानाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे। अभियान के दौरान पहले आवारा जानवरों के मालिकों की जानकारी जुटाकर उन्हें जानवर घर में रखने को कहा जाएगा। इसके बाद जिस पशु स्वामी का पशु सड़क पर विचरण करते हुए मिलेगा, उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिन आवारा जानवरों के स्वामियों की पहचान नहीं हो पाएगी। उन्हें स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से कांजी हाउस में रखवाया जाएगा।
कैटल कैचर वाहन के लिए ऑडर्र जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही आवारा पशुओं को पकड़ने का अभियान छेड़ा जाएगा। नगरीय क्षेत्र में संचालित डेयरी संचालकों की सूची तैयार कराई जा रही है। डेयरी संचालकों को नगर सीमा के बाहर ही डेयरी संचालन का आदेश दिया जाएगा।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद