ललितपुर। गल्ला मंडी स्थित सब स्टेशन पर स्थापित दो फीडरों की इनकमिंग मशीन की सीटी (करंट ट्रांसफार्मर) बर्स्ट होने से दर्जनों मुहल्लों की बिजली दस घंटे से अधिक समय तक ठप रही। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के लिए दूसरे फीडरों से जोड़कर दो- दो घंटे आपूर्ति देकर उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई।
गल्ला मंडी स्थित 66/33 केवी सब स्टेशन में स्थापित फीडर नंबर चार और पांच के अंतर्गत शहर के विभिन्न मुहल्लों को बिजली सप्लाई दी जाती है। एक माह पूर्व ही विभाग द्वारा पुरानी प्रणाली की ऑयल सर्किट ब्रेकर मशीनों को बदलकर नई प्रणाली की वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) मशीनें स्थापित कराई गई हैं। नई मशीनें स्थापित होने के बाद भी इन दोनों फीडरों के उपभोक्ताओं को आए दिन मशीनों में खराबी के कारण परेशान होना पड़ रहा है। रात करीब सवा तीन बजे फीडर नंबर चार व पांच की इनकमिंग मशीन की सीटी अचानक तेज धमाके के साथ फट गई, जिससे पूरे बिजली घर में धुआं भर गया। इस वजह से 33 केवी लाइन की आपूर्ति रौंड़ा हाइडिल से बंद पड़ गई। इससे दोनों फीडरों के साथ ही नझाई बाजार स्थित 33 केवी बिजली उपघर के अंतर्गत तालाबपुरा, घंटाघर एवं डोंड़ाघाट जलसंस्थान के स्वतंत्र फीडर की आपूर्ति गुल हो गई।
इसकी जानकारी विद्युत सब स्टेशन ऑपेरटर ने विद्युत अभियंता व एसडीओ को दी, जिस पर विद्युत अफसरों ने मौके पर पहुंचकर वीसीबी मशीन की स्थिति जांची। सीटी बर्स्ट होने से फीडर नंबर चार और पांच के अंतर्गत आने वाले मुहल्ला सदनशाह, कचहरी, कलेक्ट्रेट, वर्णी चौराहा क्षेत्र, आजादपुरा, गांधीनगर, जिला परिषद, बैंक कॉलौनी, चांदमारी, वसुंधरा कालोनी, स्टेशन क्षेत्र, श्री चंडी मंदिर, सूचना केंद्र, नई बस्ती आदि मुहल्लों की बिजली दस घंटे से अधिक समय तक गुल रही। हालांकि, मंगलवार की सुबह सवा नौ बजे से सुबह 11.35 बजे तक विद्युत अधिकारियों के निर्देश पर फीडर नंबर चार को फीडर एक नंबर और फीडर नंबर पांच को नेहरू नगर फीडर से अल्टरनेट बिजली आपूर्ति देकर राहत दी गई। इसके बाद सुबह छह बजे से वीसीबी मशीन को सुधारने का कार्य शुरू किया और नई सीटी मशीन विद्युत स्टोर से मंगाई गई।
सुधारते समय वीसीबी मशीन के अंदर सीटी के पास से एक चूहा मरा मिला। तब अधिकारियों को समझ में आया कि सीटी आखिर क्यों बर्स्ट हुई। इसके बाद रिपेयरिंग का काम शुरू हुआ और दिन में पौने चार बजे उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता पंकज मौर्य व मीटर विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों फीडरों की बिजली सप्लाई सुचारु कर दी गई। सब स्टेशन पर उपखंड अधिकारी अखिलेश कुमार वर्मा, अवर अभियंता पंकज मौर्य, मीटर विभाग के अधिकारी, विद्युत कर्मी तुलसी, छोटेलाल दुबे, उजागर आदि मौजूद रहे।
ऐसे बर्स्ट हुई सीटीललितपुर। विद्युत अधिकारियों के अनुसार अक्सर वीसीबी या ओसीबी मशीनों की इनकमिंग मशीन में घुसकर चूहा 11 हजार केवी लाइन की केबल कतर देता है, जिससे लाइनें फेस टू फेस हो जाती हैं। इसके कारण मशीन से जुड़ी केबल में सीधे 22 हजार केवी का करंट बनने से सीटी पर दबाव बढ़ जाता है और तापमान अधिक होने के कारण मशीन में जोरदार ब्लास्ट हो जाता है। रात्रि में भी ऐसा ही हुआ। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि लोहे के समान केमिकल मिश्रण से बनी इस सीटी में कई दारारें पड़ गईं।