फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसी खाद की किल्लत कभी नहीं देखी, कैसे करें बुवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर/बार। जनपद में खाद की किल्लत कम नहीं हो रहा है। शहर की नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की समस्या भीषण बनी हुई है। कई क्षेत्रों में कालाबाजारी और कुछ में किसान भूखे, प्यासे तक लाइनों में लगे हैं। किसानों का कहना है कि निजी व समितियों पर जो खाद मिल रहा है, वह जमीन के हिसाब से न मिलने पर ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। दुकानों व समितियों पर जुट रही भीड़ अधिकारियों के डीएपी उपलब्धता के दावों को फेल कर रही है।
विज्ञापन

जिले में ग्रामीण क्षेत्र में खाद न मिलने से शहर में मिलने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन शहर में भी दुकानों पर जुट रही भीड़ ग्रामीण क्षेत्रों से कम नहीं है। यहां पर दुकानों पर किसान सुबह सात बजे ही जुट रहे हैं, दुकानों के बाहर लाइन लगा कर खाद मिलने की आस लगाकर बैठे रहते हैं। दुकान खुलने के समय तक सैकड़ों की संख्या में किसान पहुंच जाते हैं। यह हाल सभी दुकानों का बना हुआ है। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की बनी हुई है।
ब्लॉक बार क्षेत्र में खाद की किल्लत कम होने का नाम नही ले रही है। यहां पर बीते चार दिनों से खाद नहीं मिल रही है। बुधवार को दो ट्रक खाद आई इसमें एक ट्रक साधन सहकारी समिति पर और दूसरे ट्रक से खाद निजी दुकानों उतारी गई। बताते हैं कि एक ट्रक में करीब पांच सौ बोरियां थी लेकिन किसानों की संख्या तीन गुनी रही। ऐसे में किसान खाद की उम्मीद लगाए लाइनों में लगे रहे। सीमित किसानों को ही खाद मिल सकी। इसको लेकर किसानों के भारी रोष व्याप्त है। अब किसानों को बुवाई की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि कम खाद मिलने से ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। उन्होंने मांग की है किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद का वितरण कराया जाए। जिससे समय पर बुवाई कर सकें।
विज्ञापन

कस्बा बार में एक साधन सहकारी समिति के अलावा छह निजी दुकानों पर भी खाद विक्रय किया जाता है, लेकिन क्षेत्रीय किसान खाद को लेकर काफी परेशान हैं। कई किसानों को खाद नहीं मिल पाया। किसानों ने बताया कि ऐसी खाद की किल्लत कभी नहीं देखी।
तीन एकड़ जमीन में रबी की बुवाई के लिए खाद न मिलने से मटर सरसों वो पाए हैं। गेहूं की बुवाई को खाद की जरूरत है। लाइनों में लगे रहे, बारी आने पर खाद खत्म हो गया है। अब खाद की समस्या हो गई है।
मूलचंद यादव, ग्राम धमना
बार क्षेत्र में इस पर खाद की भीषण किल्लत है। दिन भर से भीड़ में भूखा बैठा रहा लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। अब बुवाई करने न होने पाने की चिंता सता रही है। समय पर बुवाई न होने से उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा।
गनुआं रजक
डीएपी की कमी के चलते खाद नहीं मिल पा रहा है। इससे अब तक किसी भी फसलों की बुवाई नहीं हो पाई है। खेत बुवाई को तैयार हैं, खाद के लिए दर-दर भटक रहा हूं। अब खाद के लिए लाइन में लग गया हूं। मिल जाए तो ठीक होगा।
चंद्रभान, ग्राम टीला
खाद के लिए समिति पर लगी लाइन
तालबेहट। खाद से परेशान किसानों की मुसीबत नहर से पानी छोड़े जाने के बाद और अधिक हो गई है। अब उन्हें पलेवा के बाद बुवाई की चिंता सताने लगी है। वही खाद के लिए अभी भी किसान परेशान है। तालबेहट साधन सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए सायंकाल किसान लाइन में लगे थे जबकि बिजरौठा साधन सहकारी समिति पर जिम्मेदार ताला लटकाकर भाग गया था। सचिव संजीव कुमार ने बताया कि तालबेहट समिति पर 1500 और खांदी समिति पर 500 डीएपी खाद की बोरियां आई थी। जिन्हें एक एकड़ पर एक बोरी के हिसाब से तथा अधिकतम चार बोरी के अनुसार किसानों को वितरण किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें