फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी न बरसने से फसलों को हो रहा नुकसान

विज्ञापन
विज्ञापन
तालबेहट। आधी जुलाई बीतने को है। लेकिन क्षेत्र में एक भी दिन पानी नहीं बरसा। इससे किसानों के साथ-साथ आम व्यक्ति भी परेशान है। पानी की चाहत में महिलाओं ने माता मंदिरों पर पूजन एवं जल यात्रा शुरू कर दी है। तो वहीं, गूगर गांव में तो एक पुजारी अन्न जल त्याग कर मंदिर के बाहर ध्यान में बैठा है।
विज्ञापन

बुंदेलखंड के ककरीले पथरीले इलाके में रहने वाला यहां का किसान हाड़ तोड़ मेहनत के बाद फसलें पैदा करता है। उसे अन्य क्षेत्रों की तुलना में अपनी फसलों को अधिक पानी देना पड़ता है। तब वह अपनी फसल पैदा कर पाता है।
इस बार मौसम क्षेत्र की जनता के साथ अन्याय कर रहा है। क्षेत्र में 15 जून से 15 जुलाई के मध्य अधिकांश बुवाई हो जाती है। लेकिन इस बार बारिश न होने से अधिकांश खेत बिना बुवाई के खाली पड़े हैं। किसान बारिश के इंतजार में है। वहीं, जिन किसानों ने अपनी फसल की बुवाई पहले कर दी थी। वह अपने बीज और खेती की लागत निकालने के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन

पानी की चाहत में कई गांवों में महिलाओं ने प्रतिदिन सुबह देवी माता को जल चढ़ाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा अपने-अपने देवताओं को प्रसन्न करने के लिए ग्रामीणों ने गांवों के सिद्ध स्थलों पर भंड़ारे शुरू कर दिए हैं। ग्राम गूगर में तो देवी मंदिर की पूजा करने वाले रामकिशन ने तो मंगलवार को बारिश न होने तक जल त्याग दिया है। और माता के मंदिर के बाहर संकल्प लेकर प्रार्थना पर बैठ गए हैं।
फोटो सहित -1
जनपद में बड़े उद्योग धंधे न होने के कारण किसान खेती पर ही आश्रित है। लेकिन इस बार बारिश न होने से किसानों के अरमान ठंडे हो गए हैं। - ओमप्रकाश निवासी कड़ेसराकलां
फोटो सहित -2
क्षेत्र का किसान पिछलें कई वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते करते कर्जदार बन गया है। इस बार बारिश न होने से उसका काफी नुकसान हो गया है।- नंद किशोर कुशवाहा, बिजरौठा
फोटो सहित -3
विज्ञान के इस युग में किसान को हर बार की तरह इस बार भी केवल ईश्वर का ही सहारा नजर आ रहा है। जिसके चलते वह भगवान की शरण में हैं। - रामचरन निवासी भोजेवारा
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें