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आंधी - पानी से फसलों को नुकसान

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तेज आंधी से उड़ी खेत में रखी कटी हुई सूखी फसल - फोटो : LALITPUR
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अर्जुनखिरिया। नाराहट क्षेत्र में शाम को बदले मौसम के मिजाज के बात रात आठ बजे तेज हवाओं और बरसात ने किसानों के चेहरे की रंगत चिंता में बदल दी। किसानों को आंधी और पानी से काफी नुकसान हुआ है। जो फसलें खेतों में कटी रखी थीं, वह उड़ गईं।
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बुधवार की शाम को अचानक मौसम बदल गया और करीब आठ बजे तेज हवाएं चलने लगीं। हवाओं के साथ पानी भी बरसने लगा। तेज हवाएं चलने से किसानों के खेतों में कटी हुई रखीं चना, मसूर, मटर की फसलें उड़कर दूसरे के खेतों में पहुंच गईं। कोरोना वाइरस के फैलने से भारत में लॉकडाउन होने की वजह से मजदूर और हार्वेस्टर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे किसानों को फसल की थ्रेशिंग करने में देरी हो रही है। वहीं, गेहूं की फसल खेतो में पककर कटने को तैयार खड़ी है। वह भी तेज हवा और बरसात से खेतों में ही बिछ गई।
तेज हवा और पानी से सबसे ज्यादा नुकसान ग्राम बछरई, बनयाना, महाराजपुरा, अर्जुनखिरिया, डोंगराखुर्द, तरावली, बरेजा, गुढ़ा खिरिया, धौलपुरा, गदौरा, चांदोरा, गुरयाना आदि गांव में हुआ है। वहीं, तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए, जिससे बिजली ठप हो गई।
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दो एकड़ जमीन में चने की फसल बोई थी। आंधी चलने से कटी फसल उड़कर दूसरो के खेत में पहुंच गई। अब फसल को इकट्ठा कर रहे हैं।
- कमाल साहू, ग्राम अर्जुनखिरिया
मजदूर नहीं मिलने के कारण कटाई लेट हो रही है। ऊपर से कुदरत अपना कहर दिखा रही है। आखिर किसान क्या करें।
- इकबाल खां, ग्राम बछरई
कोरोना वाइरस की वजह से हार्वेस्टर और मजदूर नहीं मिले। मेरी गेहूं की फसल कटने को तैयार थी, लेकिन आंधी पानी की बजह से खेत में ही बिछ गई।
- प्रभान पटेल, ग्राम बछरई
चने और मसूर की फसल कटी हुई खेतो में पड़ी थी। आंधी- पानी से बहुत नुकसान हो गया। तेज हवा से फसल दूर- दूर तक उड़ गई।
- रामनरेश पांडे
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