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पूराकलां, खांदी और थाना में जिला पंचायत सीट पर है दिलचस्प मुकाबला

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voter id.jpg - फोटो : voter id.jpg
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ललितपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के बावजूद जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी पूरा दमखम लगा रहे हैं। एक- एक वोट के लिए गुणा-भाग में लगे हुए हैं। जहां राजनीतिक दल के नेता अपने प्रत्याशी की जीत की बात कह रहे हैं वही कुछ लोग पार्टी प्रत्याशियों के लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पूराकलां, खांदी और थाना में जिला पंचायत सीट पर है दिलचस्प मुकाबला रहेगा।
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वार्ड क्रमांक -1, पूराकलां, पिछड़ा वर्ग महिला
कुल मतदाता - 39,648
कुल प्रत्याशी - 11
उम्मीदवारों के नाम : कृष्णा कुमारी, चांदनी, जयंती, प्रभादेवी, मनीषा देवी, ममता कैलाश, ममता मोतीलाल, ममता लखन, राजकुमारी, रामसखी, विमला देवी।
-यादव, कुशवाहा, लोध और ठाकुर बहुल वाली इसी सीट पर दो बार से सपा का प्रत्याशी जीतता आ रहा है। इस बार भाजपा ने पूर्व सपाई नेता कैलाश राजपूत की पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है। जो जातिगत वोट के अलावा भाजपा के परंपरागत वोट के सहारे चुनाव मैदान में हैं। वहीं सपा नेता स्वामी प्रसाद यादव और मानसिंह यादव में पार्टी के वरिष्ठ नेता एकता नहीं करा सके। जिसके बाद दोनों नेता चुनाव मैदान में पूरी ताकत के साथ एक दूसरे को पटकनी देने को आतुर नजर आ रहे हैं। दोनों नेता यहां से जिला पंचायत सदस्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार उनकी पत्नियां मैदान में हैं। दोनों प्रत्याशी जातिगत वोट के अलावा अपने कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों के आधार पर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। वही कुछ निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनावी दौड़ में शामिल होने के लिए अपना पूरा दमखम लगा रहे हैं। इस सीट पर रोचक मुकाबला होने की संभावना नजर आ रही है।
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वार्ड क्रमांक - 2, खांदी, अनारक्षित सामान्य
कुल मतदाता -39,925
कुल प्रत्याशी -11
-उम्मीदवारों के नाम : अमित, अरविन्द्र, अशोक, कृपाल सिंह, नरेंद्र सिंह, प्रीतम, बब्लू, बृजेंद्र सिंह, भुवन विक्रम सिंह, रामराजा, रामसिंह।
कुशवाहा बहुल इस सीट पर भाजपा ने मंडल अध्यक्ष डॉ. प्रीतम कुशवाहा पर विश्वास जताते हुए उन्हें दूसरी बार चुनावी मैदान में उतारा है जो पिछली बार चुनाव हार गए थे। इस बार सपा और बसपा ने भी कुशवाहा जाति के अशोक और अमित को चुनाव मैदान में उतारकर जातिगत वोट और पार्टी के वोट बैंक के आधार पर मैदान फतह करने की रणनीति बनाई है। राजनीतिक दल से टिकट की चाहत रखने वाले उम्मीदवारों को टिकट न मिलने पर वह अपने पार्टी प्रत्याशी के लिए मुसीबतें पैदा कर रहे हैं। वही कुछ निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में जातिगत वोट के आधार पर चुनाव को रोमांचक बनाए हुए हैं। इस सीट पर मुकाबला अंत तक रोचक होने वाला है।
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वार्ड क्रमांक -3, थाना गांव, अनुसूचित जनजाति महिला
कुल मतदाता - 36,775
कुल प्रत्याशी -12
उम्मीदवारों के नाम : अवध, अवध रानी, अशर्फी, कमलिया, जसोदा, दिव्या, निधि, बैनीबाई, भागवती, मीना जालम, मीना लक्ष्मन, रानी।
-कुशवाहा, यादव, राजपूत बहुल और ब्राह्मण एवं ठाकुरों की वर्चस्व वाली इस सीट को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने से चुनाव लड़ने के लिए तैयारी कर रहे लोगों के मंसूबों पर पानी फिर गया लेकिन उनके उम्मीदवार इस सीट पर ताल ठोक रहे हैं। इस सीट पर चुनावी मैदान में आए अधिकांश प्रत्याशी पहली बार चुनावी समर में किसी और के मोहरे बनकर किस्मत आजमा रहे हैं। उनके पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है। भाजपा ने अशर्फी सहरिया एवं सपा ने रामरति सहरिया को मैदान में उतारा है। दोनों के बीच मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। दोनों प्रत्याशी पार्टी वोट बैंक के आधार पर जनता से वोट मांग रहे हैं। वहीं बसपा प्रत्याशी अपने पार्टी के नेताओं के साथ जनसंपर्क कर मुकाबले का रोचक बनाती नजर आ रही हैं।
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