महरौनी (ललितपुर)। राजकीय महाविद्यालय महरौनी मे मिशन शक्ति के अंतर्गत ‘आपराधिक कानून’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता पीके विश्वविद्यालय शिवपुरी के विधि संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश बाबू ने महिलाओं की आत्मसुरक्षा के लिए संविधान में वर्णित धाराओं और अधिनियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
प्रो. दिनेश बाबू ने बताया कि 1950 के बाद हमारे संविधान में कई अधिनियम वर्णित हैं, जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए हैं। इनमें डॉ. भीमराव अंबेडकर, राजाराम मोहन राय आदि कई महापुरुषों का योगदान है। महिलाओं को संवैधानिक रूप से समान और स्वतंत्र अधिकार प्राप्त हैं। भारतीय दंड संहिता 1807 और 511 धाराओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये महिलाओं को कानूनी रूप से सुरक्षा प्रदान करती हैं। आर्टिकल 21 और सूचना के अधिकार के माध्यम से भी वे अपनी सुरक्षा कर सकती हैं। झांसी की महारानी लक्ष्मी बाई, इंदिरा गांधी, प्रतिभा देवी पाटिल को महिला सशक्तिकरण का व्यक्तित्व बताते हुए प्रदेश सरकार द्वारा महिला सुरक्षा सम्मान के लिए चलाई गई मिशन शक्ति को सराहनीय व प्रासंगिक बताया। राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर सुनील कुमार सुरोठिया ने महिलाओं के मौलिक अधिकार पर अपने विचार व्यक्त किए। अंत में आभार व्यक्त करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेंद्र कुमार कहा कि इस जानकारी से सभी छात्राएं लाभान्वित होंगी। वेबिनार में डॉ. जितेंद्र विक्रम वेद और डॉ. सीमा श्रीवास्तव भी शामिल रहे।