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अनुमति डेढ़ सौ की, लगे हैं हजारों होर्डिंग

Sat, 26 Nov 2016 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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illegal banners - फोटो : demo
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शहर में अवैध होर्डिंगों की भरमार है। इससे  शहर की सुंदरता व यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है। शहर में नगर  पालिका की ओर से  150 स्थलों पर ही होर्डिंग लगाने की अनुमति दी गई है,  जबकि शहर भर में अनुमति से कई गुना ज्यादा अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं।
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नगर पालिका ने  पूर्व में शहर में लगे अवैध होर्डिंगों के खिलाफ अभियान छेड़ा था, लेकिन एक  दो दिन में यह अभियान ठंडा पड़ गया। वहीं नगर पालिका द्वारा हटाए गए अवैध  होर्डिंगों के स्थान पर दोबारा से होर्डिंग लग गए हैं। नगर पालिका पब्लिसिटी व विज्ञापन एजेंसियों से विज्ञापन  शुल्क वसूलकर नगर क्षेत्र में होर्डिंग लगवाती है। शहर में करीब दस  विज्ञापन एजेंसियां होर्डिंग लगाने का काम कर रही हैं, इनमें से नगर पालिका  ने मात्र चार विज्ञापन एजेंसियों को करीब 164 विभिन्न स्थलों पर होर्डिंग  लगाने की अनुमति दी है।  शासनादेश के अनुसार शहर में लगने वाले होर्डिंग स्थलों का चयन व होर्डिंग का  साइज निर्धारित करने का अधिकार नगर की विज्ञापन स्थल चयन समिति को है। इस  चयन समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष होते हैं व सदस्यों में अधिशासी अधिकारी  नगर पालिक, जेई नगर पालिका व लोक निर्माण विभाग, यातायात पुलिस, विद्युत  विभाग, के अधिकारियों को नामित किया जाता है।
नगर पालिका ने शासनादेश को दरकिनार करते हुए शहर में  होर्डिंग लगाने की अनुमति दे दी है, जिसका नतीजा यह है कि सार्वजनिक भवनों व  सार्वजनिक पार्कों के सामने, सड़कों के किनारे बड़े-बड़े होर्डिंग लग गए  है। इन होर्डिंगों से सरकारी भवनों, पार्कों की सुंदरता खराब हो रही है व  यातायात पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसके बावजूद विभाग शहर में अवैध  होर्डिंगों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। वर्तमान में अनुमति से कई गुना अवैध होर्डिंग लगे हुए हैं। नगर पालिका इन अवैध होर्डिंग लगाने वाली  एजेंसियों पर कार्रवाई के नाम पर हमेशा ही नोटिस जारी करके इतिश्री कर लेती  है। जैसे-तैसे नगर पालिका ने विगत माह इन अवैध अवैध होर्डिंगों के खिलाफ  एक अभियान छेड़ा था और शहर के कुछ प्रमुख स्थलों पर लगे अवैध होर्डिंग हटा  दिए थे, इसके बाद यह अभियान में ठंडा पड़ गया। वर्तमान में जगह-जगह पर अवैध  होर्डिंगों की भरमार है।             
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आखिर क्यों नगर पालिका नहीं करती कार्रवाई             
शहर में लगे होर्डिंगों से विज्ञापन शुल्क वसूलने के लिए नगर  पालिका ठेका प्रक्रिया अपनाती है। इस वित्तीय वर्ष नगर पालिका ने मात्र छह  माह के लिए विज्ञापन कर वसूली का ठेका किया था, जिसकी समय अवधि अगस्त माह  में समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में नगर पालिका स्वयं ही शहर में लगे  होर्डिंगों से वसूली कर रही है। जब ठेका था तो नगर पालिका अपना पल्ला  झाड़ने के लिए ठेकेदार को अवैध होर्डिंग हटाने के लिए नोटिस जारी कर देती  थी। ठेका की समयावधि समाप्त हुए करीब तीन माह का समय बीतने वाला है, लेकिन  नगर पालिका न तो अब तक अवैध होर्डिंगों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई कर पाई  है और न ही अभी तक विज्ञापन एजेंसियों से विज्ञापन शुल्क की वसूली कर  पाई है। वर्तमान में अनुमति वाले होर्डिंग भी बिना विज्ञापन कर अदा किए  बगैर ही लगे हुए हैं।  
          
- स्ट्रीट लाइट पोल पर होर्डिंग लगाने की दी अनुमति
 स्थानीय श्रीवर्णी जैन चौराहे से लेकर नझाई गेट तक के मुख्य  मार्ग पर बने डिवाइडर पर प्रकाश मार्ग के लिए स्ट्रीट पोल लगे हुए हैं। इन  स्ट्रीट पोलों पर हमेशा ही होर्डिंगों की भरमार रहती है, जिससे शहर की  दूसरी ओर का कुछ नजर नहीं आता है। मोड़ पर सड़क दुर्घटना की  संभावनाएं अधिक बढ़ जाती हैं। कई बार तो वाहन चालक इन होर्डिंग से भी टकरा  जाते हैं। नगर पालिका विगत माह अभियान चलाकर उक्त स्ट्रीट पोलों पर लगे  समस्त होर्डिंगों को हटा दिया था, लेकिन अब दोबारा स्ट्रीट पोलों पर  होर्डिंग लग गए हैं। पुरानी तहसील से वर्णी चौराहे के बीच 110  स्ट्रीट लाइट के खंभे हैं, नियमानुसार स्ट्रीट लाइट के खंभों पर होर्डिंग्स नहीं लगा सकते हैं, इसके बावजूद नगर पालिका की ओर से नियमों को ताक पर रखकर इन 110 खंभों पर होर्डिंग लगाने की अनुमति दी है। हैरान करने वाली बात है, कि इस एजेंसी को दस साल तक होर्डिंग लगाने की अनुमति दी है।
        
इनका कहना है             
शहर में लगे अवैध होर्डिंगों के खिलाफ बहुत जल्द ही नगर  पालिका द्वारा अभियान चलाया जाएगा और अवैध होर्डिंग समग्री को भी विभाग  द्वारा जब्त किया जाएगा। ॉ     
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राकेश कुमार             
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
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