ललितपुर। एक छात्र अचानक गायब हो गया। उसके परिजनों के पास फिरौती के लिए फोन आने के बाद पुलिस विभाग को सूचना दी गई। हालांकि, देर शाम छात्र मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से बरामद हो गया। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोतवाली क्षेत्र के राधा कालोनी निवासी गौतम राय बजाज पावर प्लांट में मैनेजर के रूप में काम करते हैं। बृहस्पतिवार को उनका पुत्र आयुष्मान राय (15) रोजाना की तरह स्कूल गया था। स्कूल की छुट्टी होने के बाद आयुष्मान घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों को चिंता हुई।
इसी बीच उनके पास आयुष्मान की फिरौती की सूचना पहुंची। छात्र के अपहरण की सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने विभागीय अधिकारियों को सचेत कर दिया और अपहरणकर्त्ता छात्र को टीकमगढ़ में छोड़ कर भाग गए।
पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच स्वॉट टीम को सौंप दी है। स्वॉट टीम ने अपनी शुरूआती जांच में सर्विलांस की मदद से अपहरणकर्त्ताओं के सुराग पाने में सफलता पायी है। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस अपहरण कांड में नजदीकी का हाथ है, जिसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।
बाइक के शौक ने फंसाया
स्कूली छात्र आयुष्मान को मोटर साइकिल चलाने का शौक है। उसके इसी शौक का फायदा उठाते हुए एक लड़के ने उससे दोस्ती गांठ ली। दोस्ती करने वाले युवक ने अपना नाम उसे पुष्पेंद्र बताया। बृहस्पतिवार को पुष्पेंद्र ने आयुष्मान को कचनौदा बांध घूमने चलने को कहा। बाइक चलाने के शौक में छात्र कचनौंदा चला गया। लेकिन, वहां से पुष्पेंद्र नामक युवक छात्र को लेकर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के किसी गांव में पहुंच गया और वहां पहले से मौजूद दो युवकों की मदद से छात्र को बंधक बना लिया।
अपहरणकर्त्ताओं ने छात्र के पिता को फोन करके बीस लाख रुपए की फिरौती मांगी। इसी दौरान आयुष्मान को मौका मिल गया और अपहरणकर्त्ताओं के चंगुल से भाग निकाला। किसी राहगीर से मदद मांगकर वह टीकमगढ़ कोतवाली पहुंचा और अपने छूटने की जानकारी परिजनों को दी। देर रात स्थानीय पुलिस के साथ छात्र के परिजन टीकमगढ़ पहुंचे और सकुशल छात्र को वापस ले आए।
एसपी के हस्तक्षेप पर सौंपा छात्र
अपह्त छात्र के टीकमगढ़ में होने की जानकारी पर पहुंची स्थानीय पुलिस को छात्र सौंपने से मध्य प्रदेश पुलिस ने शुरूआत में आनाकानी की। दरअसल, अपहरण का मुकदमा दर्ज नहीं हो पाने के कारण टीकमगढ़ पुलिस छात्र को सौंपने पर संकोच कर रही थी। इस पर पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने टीकमगढ़ पुलिस अधीक्षक से वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद छात्र को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।