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बंदियों की मदद करना प्रथम कर्तव्य

Mon, 25 Jan 2016 01:04 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। विधिक साक्षरता शिविर में जिला कारागार में बंदियों को उनके अधिकार एवं प्रदत्त सुविधाओं के संबंध में अवगत कराया गया।
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विधिक साक्षरता शिविर में प्रभारी जनपद न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने बंदियों को जानकारी देते हुए बताया कि बंदियों की मदद करना न्यायालय का प्रथम कर्तव्य है। बंदियों को किसी भी प्रकार की समस्या है तो वह इसकी जानकारी सीधे या फिर जेलर के माध्यम से न्यायालय को दे सकते हैं, जिसका निराकरण कराया जाएगा।

जिलाधिकारी डा.रुपेश कुमार ने कहा कि बंदियों के जेल में र्निुद्घ रहने पर भी उनके अधिकार सुरक्षित रहते हैं। उनको मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता है। आवश्यकता होने पर बंदी को निशुल्क अधिवक्ता दिया जाता है।
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पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने कहा कि बंदी को अक्षमता के कारण उसके अधिकारों को समाप्त नहीं किया जा सकता है।

अन्य वक्ताओं ने कहा कि बंदी अपना पुराना समय भूलकर अच्छे नागरिक बनें और देश की मुख्य धारा से जुड़ने का प्रयास करें। बंदी जेल में रहते हुए भी सृजनात्मक कार्य करते हैं, जिससे उनके मानसिक और सृजनात्मक जीवन का विकास होता ह।
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इस मौके पर अपर जिला जज आवश्यक वस्तु अधिनियम लोकेश राय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योत्सना सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज सीनियर डिवीजन आनंद प्रकाश सिंह, जेलर रीवन सिंह, डिप्टी जेलर रवि प्रकाश तिवारी, डा.अनिल शाक्य,  अनिल कुमार त्रिपाठी, अधिवक्ता नेमी कुमार जैन, केहर सिंह आदि मौजूद रहे।
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