झांसी। ब्याज वसूलने गए एक युवक की हत्या कर दी गई। बाद में हत्या को हादसा दर्शाने के लिए युवक का शव कोतवाली क्षेत्र के नारायण बाग स्थितनया तालाब के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया। पास में ही बाइक फेंकी, जिससे यह लगे कि दुर्घटना में युवक की मौत हुई है। एसएसपी के अनुसार जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
कोतवाली क्षेत्र स्थित बड़ागांव गेट बाहर राय कालोनी निवासी वीरेंद्र गुप्ता उर्फ धीरू गुप्ता (36) पुत्र मोहनलाल गुप्ता करीब सात-आठ वर्ष से ब्याज पर रुपये देने का काम करता था। वह शनिवार की शाम करीब छह बजे पत्नी से ब्याज वसूलने मछली मंडी क्षेत्र जाने की कहकर बाइक संख्या (यूपी93एजे- 9161) से निकला था।
रात करीब साढ़े आठ बजे तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने वीरेंद्र का मोबाइल फोन मिलाया। फोन स्विच ऑफ मिलने पर परिजनों को चिंता हुई। रात करीब 10 बजे तक जब वीरेंद्र के बारे में कोई सूचना नहीं मिली तो उसकी तलाश की गई, लेकिन पता नहीं चला। रविवार को तड़के करीब तीन बजे परिजनों ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी की सूचना दी।
रविवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे नारायण बाग के नया तालाब के पास कुछ लोगों ने झाड़ियों में एक व्यक्ति की लाश व बाइक को पड़ा देखा। यह जानकारी उन्होंने अन्य लोगों को दी तो वहां भीड़ लग गई। चूंकि परिवार के लोग वीरेंद्र की तलाश कर ही रहे थे, शव पड़ा होने की जानकारी होने पर वह भी मौके पर पहुंच गए।
शव वीरेंद्र का था। उसके सिर में गहरी चोट का निशान था। पास में ही बाइक पड़ी थी। यह सूचना पुलिस को दी गई। कुछ ही देर में नवाबाद, कोतवाली व सदर बाजार थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने पुलिस के साथ घटनास्थल की बारीकी से जांच पड़ताल की। पुलिस को मौके पर एक हथौड़ा व मफलर मिला। घटना की रिपोर्ट राजेश गुप्ता निवासी शिवाजी नगर ने अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली में दर्ज करवाई है।
एसएसपी ने बताया कि हत्यारों ने हादसा दर्शाने के लिए लाश व बाइक को झाड़ियों में फेंका है। भले ही मौके से हथौड़ा बरामद हुआ है, लेकिन मृतक के माथे पर गहरा गड्ढा है, जो हथौड़ा से संभव नहीं है। जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आ जाती है, तब तक हत्या में प्रयुक्त असलाह के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि ब्याज पर रुपये देने से पैदा हुई रंजिश में युवक की हत्या की गई है। कई बिंदुओं पर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा हो जाएगा।
चार माह पूर्व बंधक बनाया गया था
परिजनों ने बताया कि करीब चार माह पूर्व कसाई मंडी क्षेत्र में वीरेंद्र को कुछ लोगों ने बंधक बनाकर पीटा था। वीरेंद्र ने एक मोबाइल फोन छुपाकर रखा था, जिससे परिजनों को सूचना दी गई थी। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर वीरेंद्र को बंधन मुक्त कराया था।