ललितपुर। नगरपालिका पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली करने वाले तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है।
हरियाणा के पलवल निवासी परम सिंह ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि बृहस्पतिवार को वह अपने वाहन के साथ पीके ट्रैक्टर्स पर खड़ा था। इसी दौरान दो युवक मोटरसाइकिल से आए और पार्किंग के नाम पर शुल्क मांगने लगे। उसने ज्यादा शुल्क मांगने की बात कहकर रुपये देने से मना कर दिया, इसपर उक्त युवकों ने गाली-गलौज कर मारने की धमकी दी।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अमन चौबे निवासी इलाइट चौराहा, चंदन सिंह निवासी चौकाबाग और ठेकेदार असलम खान के खिलाफ रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उल्लेखनीय है कि नगरपालिका पार्किंग शुल्क के नाम पर लंबे समय से पूरे नगरीय क्षेत्र में अवैध वसूली की जा रही है। वसूली करने वाले ज्यादातर युवक आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जो वाहन चालकों के साथ अभद्रता करते हैं। इस मामले की कई शिकायतें प्रशासन व नगरपालिका अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पार्किंग के नाम पर वसूली करने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग लगातार व्यापारी, वाहन चालक और आम लोग करते रहे हैं।
पालिका अफसर बन रहे अंजान
नगरीय क्षेत्र में नगरपालिका पार्किंग शुल्क के नाम पर हो रही वसूली को लेकर नगर पालिका के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह अंजान बने हुए हैं। दिलचस्प मामला यह है कि नगरपालिका अभी तक नगर में कहीं भी पार्किंग स्थल ही चयनित नहीं कर पाई है और अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूला जा जा रहा है।
वसूली उन वाहनों से भी की जा रही है, जो नगरीय सीमा से गुजर रहे हैं। पीड़ित वाहन चालकों का यह भी कहना है कि जब वह कहीं रुककर वाहनों को खड़ा ही नहीं करते हैं, तो फिर उनसे किस बात का शुल्क वसूला जाता है।
उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और नगरपालिका के नाम पर गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जांच के बाद ही आरोपियों के बारे में कुछ कहा जा सकता है।
-राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, ललितपुर।
व्यापारी भी पीड़ित
गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक जैन अनौरा ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए आरोप लगाया कि पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। नगरपालिका से इस मामले में कई बार हस्तक्षेप करने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। वाहन चालकों से मनमाना पैसा वसूला जाता है।
जब वाहन चालक विरोध करते हैं तो उसके साथ गुंडई की जाती है। कई बार मारपीट की घटनाएं भी हुई हैं। रसीद पर शुल्क दर्ज नहीं रहता है और न ही किसी को जानकारी दी जाती है कि किस वाहन का पार्किंग शुल्क कितना लिया जाना है। मनमर्जी से पैसा वसूला जाता है। इससे व्यापारियों को काफी दिक्कत होती है।