शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से कटिया डालकर या फिर मीटर बाईपास कर विद्युत चोरी की जा रही है। यह मामला विभाग द्वारा चलाए जा रहे विद्युत चेकिंग अभियान के दौरान सामने आया है। विद्युत चोरी रोकने, विद्युत बकाया वसूलने, शत-प्रतिशत मीटर स्थापित कराने व ओवरलोड से निपटने के लिए बिजली विभाग द्वारा उप्र पावर कार्पोरेशन के आदेश पर 21 जुलाई से विद्युत अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विभागीय टीम द्वारा विद्युत चोरी के दर्जनों प्रकरण पकड़े गए, जबकि दर्जनों से मौके पर ही शमन वसूला गया। इसके लिए शहर में जहां विभाग द्वारा फीडर नंबर चार व पांच पर दो माह का विद्युत अभियान चलाया जा रहा है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत चोरी के प्रकरण में कमी लाने और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से अधिकारियों के निर्देशन में अभियान चलाया जा रहा है।
उपखंडीय स्तरों पर अभियान चलाकर की गई कार्रवाई में अकेले जुलाई माह की बात करें तो विभागीय अधिकारियों की टीमों द्वारा विद्युत चोरी के कुल 57 प्रकरण सामने आए। जिनमें अब तक विभाग द्वारा 46 एफआईआर और 11 मामलों में शमन शुल्क जमा कराया गया। इसमें से एफआईआर वाले विद्युत चोरी के 32 मामलों को शमन शुल्क की कार्रवाई में बदलकर ऐसे लोगों से राजस्व वसूला गया। 14 एफआईआर के मामले अभी शेष हैं। इस प्रकार विभाग द्वारा जनपद में अभियान चलाकर विद्युत चोरी के विभिन्न प्रकरणों में अब तक 1.88 लाख रुपए शमन शुल्क वसूला गया, जबकि शमन के बाद ऐसे मामलों में विद्युत विभाग द्वारा किलोवाट के हिसाब से उन पर 2.26 लाख रुपए राजस्व निर्धारण किया गया। फिलहाल , शहर में दो फीडरों पर खंभे के हिसाब से संयोजनों की संख्या के आधार पर अभियान चलाया जा रहा है। जबकि, ग्रामीण क्षेत्रों में उपखंड अधिकारियों व अवर अभियंताओं द्वारा हर गांव में जाकर राजस्व वसूली के साथ विद्युत चोरी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता प्रशांत सिंह ने बताया कि उपखंड अधिकारियों व अवर अभियंताओं को निर्देशित कर विद्युत चोरी के प्रकरणों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मीटर बाईपास होने व बिना संयोजन के विद्युत का उपभोग करने पर विद्युत चोरी दर्ज की जाएगी।