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बकाएदार दुकानदारों पर नपा ने कसा शिकंजा

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बकाएदार दुकानदारों पर पालिका ने कसा शिकंजा
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13 दुकानदारों के खिलाफ जारी हुई आरसी व 11 को थमाए नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
धन की कमी से जूझ रही नगर पालिका परिषद ने अब बकाएदार दुकानदारों पर विभागीय शिकंजा कसना आरंभ कर दिया है। करीब 11 दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए तो लगभग 13 दुकानदारों के खिलाफ रिकवरी निकाली गई है। इससे दुकानदारों में खलबली मच गई है।
नगर पालिका परिषद ने अपनी आय बढ़ाने के लिए जगह-जगह कामर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण कराया है। इनमें डॉ. शादीलाल कामर्शियल कांप्लेक्स, मां कर्माबाई कांप्लेक्स, डा. भीमराव अंबेडकर कांप्लेक्स व गेंदालाल पेट्रोल पंप के पास कामर्शियल कांप्लेक्स शामिल है। इन कांप्लेक्सों में कई दुकानदारों ने दुकानें तो ले ली, उसके बाद न तो प्रीमियम और न ही किराया जमा किया। कई ऐसे हैं जिन्होंने प्रीमियम जमा करने के बाद किराया भरने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। नतीजा यह हुआ कि पालिका की अपेक्षा अनुरूप आय नहीं बढ़ सकी। वर्तमान में इसका विपरीत असर विकास कार्यों पर देखा जा रहा है। अब जब वित्तीय वर्ष का अंतिम माह आ गया है तो नगर पालिका परिषद राजस्व बढ़ाने के लिए हरकत में आ गया है। पालिका के अफसरों ने पहले बकाएदारों की सूची तैयार की। इसमें पाया कि करीब 11 दुकानदारों ने लगभग तैंतालीस लाख छिहत्तर हजार तीन सौ रुपये प्रीमियम एवं किराए में जमा नहीं किया है। यह वह दुकानदार हैं जो डॉ. शादीलाल कामर्शियल कांप्लेक्स के अलावा अन्य कामर्शियल कांप्लेक्स के दुकानदार हैं। इसके अलावा तमाम दुकानदार तो ऐसे हैं जो लंबे समय से विभिन्न कामर्शियल कांप्लेक्स में रहकर अपना कारोबार कर रहे हैं लेकिन नोटिस के बाद भी प्रीमियम एवं किराया जमा नहीं कर रहे हैं। इन पर उन्नीस लाख पचास हजार रुपये की बकाएदारी निकली है। इस पर ऐसे दुकानदारों को चिह्नित करते हुए 13 की सूची तहसील को सौंप दी गई है। जहां से चिह्नित दुकानदारों की आरसी काटी जा रही है। नगर पालिका के बदले रुख से दुकानदारों में खलबली मची हुई है।
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बकाएदारों के खिलाफ जारी हुई आरसी
जो दुकानदार लंबे समय से प्रीमियम एवं किराया नहीं भर रहे थे, उनके खिलाफ तहसील के माध्यम से आरसी जारी की गई हैं।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।

जिन पर कभी रही मेहरबानी अब आए मुसीबत में
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यकाल में कुछ कारोबारियों पर समूची पालिका मेहरबान रही। उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए सारे नियम कायदे दरकिनार करते हुए एक के बाद एक दुकानें आवंटित कर दी। वर्षों अलमारी में कैद रही फाइल जब खुली तो राज बाहर निकल आए। इससे दुकान आवंटन की अपनाई गई समूची प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। वर्तमान पालिकाध्यक्ष रजनी साहू ने रुचि लेते हुए फाइल तलब कर ली है।
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