गैरइरादतन हत्या में तीन महिलाओं को उम्रकैद
ललितपुर। गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए तीन महिलाओं को आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। थाना कोतवाली अंतर्गत खिरकापुरा निवासी भुवन, विमला और सुधा इन तीनों महिलाओं को यह सजा सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम) मनोज शुक्ला की अदालत ने दी है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि साढ़े छह वर्ष पूर्व थाना कोतवाली अंतर्गत मुहल्ला खिरका निवासी गुलाब पत्नी सुंदर ने थाना कोतवाली को दी तहरीर में बताया था कि 27 जुलाई 2011 को दोपहर करीब एक बजे उसकी 14 वर्षीय पुत्री सुनीता स्कूल से घर आई और खाना खाकर घर का काम करने लगी। इसी दौरान गुलाब कपड़े धोने के लिए नदी पर चली गई। उसी समय पड़ोस में रहने वाली महिलाएं भुवन, विमला और सुधा उसके घर आईं। तीनों महिलाओं ने आरोप लगाया कि सुनीता के कारण भुवन और उसकी बहू के बीच झगड़ा हुआ है। सुनीता ने इस बात के लिए मना किया, तो तीनों उसे पकड़ कर अपने घर ले गईं, वहां मारापीटा और शरीर पर तेल डालकर आग लगा दी। इस दौरान सुनीता के चिल्लाने की आवाज सुनकर गुलाब का नाती दौड़ते हुए नदी पर गया और घटना की जानकारी दी। वारदात वाली जगह पर जब तक गुलाब पहुंची तब तक उसने अपनी पुत्री को आग में झुलसी तड़पते हुए पाया। आनन-फानन में सुनीता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
गुलाब की तहरीर पर पुलिस ने तीनों महिलाओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला पंजीकृत करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर उक्त तीनों महिलाओं भुवन, विमला और सुधा को गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पाते हुए, आजीवन कारावास और प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि में से दस हजार रुपये वाद दायर करने वाली महिला (गुलाब) को देने के आदेश दिए गए हैं।